वर्ल्डकप सेमीफाइनल हारने के बाद एक्शन में BCCI, लिया बड़ा फैसला!

वर्ल्डकप सेमीफाइनल हारने के बाद एक्शन में BCCI, लिया बड़ा फैसला!

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने सीनियर टीम के सलेक्टर्स की क्लास लगाई है। बोर्ड ने टीम इंडिया के वर्ल्ड कप हारने के बाद कई सवाल पूछे हैं।

वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल में ही टीम इंडिया न्यूजीलैंड से 18 रन से हार गई और टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में बीसीसीआइ ने टीम इंडिया की हार की वजह के लिए चयनकर्ताओं से सवाल किए हैं।

जागरण डॉट कॉम के अनुसार, भारतीय टीम के टेस्ट ओपनर केएल राहुल को नंबर चार के लिए प्लेइंग इलेवन में शामिल किया और विजय शंकर जो चीफ सलेक्टर एमएसके प्रसाद के नंबर चार के मुख्य पसंद थे उन्हें बाहर बैठना पड़ा। लेकिन, शिखर धवन के चोटिल होने के बाद केएल राहुल से ओपनिंग कराई गई और उनकी जगह रिषभ पंत को इंग्लैंड भेजा।

ऐसे में विजय शंकर को नंबर चार पर खिलाया लेकिन विजय शंकर भी फेल साबित हुए और इंजर्ड होकर वर्ल्ड कप टीम से बाहर हो गए। ऐसे में मिडिल ऑर्डर के लिए ओपिनिंग बैट्समैन मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया लेकिन मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने पर ध्यान नहीं दिया।

इन सवालों को लेकर एमएसके प्रसाद के नेतृत्व वाली चयनकर्ताओं की समिति पर बीसीसीआइ ने सवालों की बौछार की है। बीसीसीआइ के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा है जब चयनकर्ता मैच या सीरीज जीतने पर पुरस्कार डिजर्व करते हैं तो फिर हार की भी जिम्मेदारी लेनी होगी।

अधिकारी ने कहा है, “जब टीम टूर्नामेंट जीतती है तो सलेक्टर्स को इनामी राशि मिलती है। वहीं, जब टीम को हार मिलती है और आलोचना होती है तो खिलाड़ियों को जिम्मे छोड़ देते हैं। टीम जहां भी जाती है सलेक्शन कमेटी साथ जाती है तो इन्होंने ध्यान क्यों नहीं दिया कि कमी कहां है?””

सीनियर अधिकारी ने सलेक्टर्स से सवाल किया है जब ओपनर बैट्समैन इंजर्ड हुआ तो उसके लिए मिडिल ऑर्डर बैट्समैन को भेजने की क्या जरूरत थी। वहीं, जब मिडिल ऑर्डर बैट्समैन इंजर्ड हुआ तो आपने ओपनर बैट्समैन को इंग्लैंड वर्ल्ड कप खेलने के लिए भेज दिया। ये लोग टीम मैनेजमेंट की जरूरत को नहीं समझते।