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BEAF पर लगी पाबंदी के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे दो हिंदू

मुंबई: महाराष्ट्र में गाय के गोश्त पर लगी पाबंदी के खिलाफ दो लोगों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दरखास्त दिये है। हिंदू मज़हब से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों दरखास्तगुज़ारों ने नए महाराष्ट्र ऐनिमल प्रिजरवेशन (अमेंडमेंट) ऐक्ट को चुनौती दि

मुंबई: महाराष्ट्र में गाय के गोश्त पर लगी पाबंदी के खिलाफ दो लोगों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दरखास्त दिये है। हिंदू मज़हब से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों दरखास्तगुज़ारों ने नए महाराष्ट्र ऐनिमल प्रिजरवेशन (अमेंडमेंट) ऐक्ट को चुनौती दिये है। इसी ऐक्ट के तहत गाय को मारना या उसका गोश्त खाने पर पाबंदी यानि इम्तिना है।

ऐडवोकेट विशाल सेठ और स्टूडेंट शाइना सेन ने हाई कोर्ट में दाखिल दरखास्त में इसे असल हुकूक की खिलाफवर्जी बताया है। दरखास्त में कहा गया है कि, ‘हम हिंदू मज़हब से हैं और गाय का गोश्त खाते हैं। यह हमारे खुराक का हिस्सा है और हमारे लिए गज़ाइयत का ज़रिया है। गाय के गोश्त पर बैन लगाना और इसे फरोख्त करने को जुर्म बनाना शहरियों के असलहुकूम की खिलाफवर्जी है।’

दरखास्त के मुताबिक यह बैन आर्टिकल 21 के तहत ज़िंदगी के मयार के हुकूक की खिलाफवर्जी करता ही है और साथ ही आर्टिकल 29 की भी खिलाफवर्जी करता है जिसके तहत आईन में अक्लियतों के साथ नस्ल, ज़ुबान, मज़हब या कल्चर की बुनियाद पर इम्तियाज़ी सुलूक जुर्म है।

जस्टिस वीएम कानाडे और जस्टिस एआर जोशी की बेंच इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते कर सकती है। 23 मार्च को अदालत Neat cattle shelter Promotion Council of India की उस दरखास्त पर हुक्म सुनाएगी जिसमें इस कानून को फौरन लागू करने की मांग की गई है। गोमांस के ताजिरों ने भी कोर्ट से राहत की दरखास्त की है।

इस ऐक्ट को फरवरी में सदर जम्हूरिया की मंजूरी मिली थी। इसी महीने रियासत की हुकूमत ने इसके बारे में नोटिफिकेशन जारी किया। इसके तहत गाय का गोश्त फरोख्त करते पकड़े जाने पर पांच साल तक की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने का कानून है।

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