Thursday , July 19 2018

बीफ़ भंडारण मामले में आरोपी निर्दोष, 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार और पुलिस को बीफ़ स्टॉकिंग मामले में उस समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब सत्र न्यायालय ने न केवल आरोपी को बरी कर दिया बल्कि सरकार को मुआवजे का भुगतान करने के लिए कहा। अदालत ने यह निर्णय सरकार बनाम मुबारक मामले में दिया।

ठाणे पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार 11 सितंबर, 2016 को ग्रामीणों ने मांस से भरा ट्रक पकड़ा और आग लगा दी थी। सूचना प्राप्त होने पर पुलिस ने अनुमति के बिना बीफ़ को ले जाने के आरोपों पर ट्रक को जब्त कर लिया।

मांस का नमूना फॉरेंसिक लैब को भेजा गया था। लैब की रिपोर्ट के अनुसार ट्रक में बीफ़ नहीं बल्कि मटन था। बुधवार, 7 मार्च को मामले को पलवल के एडीजे कोर्ट में सुना गया था। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही का मामला कहा और सरकार को 30 दिनों के भीतर 2 लाख मुआवजा देने को कहा।

पुलिस ने अदालत में मुबारक, अजीज, आसिफ, राहुल, शीशपाल, भोरा, विष्णु और गिरिराज के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। एडीजे अनुभव शर्मा ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया।

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