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भोपाल : तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘जज्बा’ का समापन, आगंतुक हुए मंत्रमुग्ध

भोपाल में शुक्रवार को हिंदी भवन में इक़रा इंटरनेशनल वुमेन्स एलायंस द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी और शॉपिंग कार्निवल सियासत आर्ट गैलरी ‘जज़्बा’ का समापन हुआ जिसमें इस्लामिक सुलेख और कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। हैदराबाद और बंगलौर से प्रकाशित उर्दू दैनिक ‘सियासत’ द्वारा कला और सुलेख गैलरी स्टाल लगाईं गई थी जो कार्निवल का आकर्षण रही।

‘जज्बा’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम दिलाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती उज्मा नाहिद, मुंबई के प्रयास रहे हैं और उन्हीं की देखरेख में इसको आयोजित किया गया था। आईआईडब्ल्यूए अल्पसंख्यक महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण (एसईई) के लिए काम कर रहा एक गैर सरकारी संगठन है।

लगातार कड़ी मेहनत के साथ आईआईडब्ल्यूए ने देश भर में 3000 वंचित महिलाओं को 150 से अधिक वस्तुओं का उत्पादन करने में सफलतापूर्वक शामिल किया है। भोपाल के सांसद आलोक सान्जेर ने आखिरी दिन प्रदर्शनी का दौरा किया और सियासत आर्ट गैलरी में दुर्लभ कला के कामों के संग्रह में देख अभिभूत हो गए।

उन्होंने कहा कि मैं जल्द ही कैलीग्राफी सीखूंगा। सुलेख के बारे में वे इतना उत्साही थे कि वहीँ पर कोशिश की और बाद में कलाकार मोहम्मद अमीर को साथ ले गए। कलाकार मोहम्मद अमीर ने आलोक सान्जेर का उर्दू नाम लिखा ग्राफिक उन्हें प्रस्तुत किया। बाद में, सान्जेर ने प्रदर्शनी के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित।

उन्होंने एनजीओ आईआईडब्ल्यूए के बैनर के तहत वंचित वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए श्रीमती उज्मा नाहेद के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने भोपाल में आईआईडब्ल्यूए आउटलेट स्थापित करने के लिए सभी मदद का आश्वासन दिया।

कलाकार मोहम्मद अमीर और मोहम्मद मजहरुद्दीन ने महिलाओं को सियासत द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के बारे में जानकारी दी थी, जो कला को सीखने और इसे बढ़ावा देने के लिए उत्सुक हैं। ‘जज्बा’ प्रदर्शनी में कला और सुलेख स्टॉल का उद्देश्य भोपाल के लोगों में इस्लामी सुलेख परंपरा के बारे में सीखने में रुचि पैदा करना था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्लामी सुलेख और संबंधित कला के काम की काफी मांग है।

इस बीच प्रदर्शनी में सैकड़ों कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया जिसमें प्रसिद्ध कलाकार नईम साबरी, फहीम साबरी, मोहम्मद हकीम, मोहम्मद अमीर, अब्दुल लतीफ फारुकी के कैनवास चित्रों, मोहम्मद मजहरुद्दीन की काष्ठ की कला की कलाकृति शामिल थी।

सियासत के प्रबंध संपादक जहीरुद्दीन अली खान के मुताबिक सियासत गैलरी छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार है। गृहिणियों को निर्देशित किया जा रहा है और उन्हें सुलेखन के नए विचारों के साथ आने के अवसर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में इस्लामी सुलेख और चित्रकला के तीन हजार मास्टरपीस हैं।

भारत में इस्लामी कला और सुलेख का एक अंतर्राष्ट्रीय केंद्र बनने की क्षमता है। सियासत इंडियन आर्ट एंड कैलिग्राफी गैलरी प्रदर्शनी ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने अतीत में सैकड़ों कलाकृतियों का प्रदर्शन किया है।

ये कलाकृतियां अमेरिका, सऊदी अरब, दुबई में प्रदर्शित हुई हैं जबकि भारत के दिल्ली, अलीगढ़, हैदराबाद, करीम नगर, बैंगलोर, बीदर आदि शहरों में प्रदर्शित हुई हैं।

इससे पूर्व श्रीमती कैसर ज़मां और संस्कृति और धार्मिक संस्थान और सरकारी कर विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी मनोज श्रीवास्तव राष्ट्रीय प्रदर्शनी और कार्निवल के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे।

कुरुवाई एजुकेशन सोसाइटी की सचिव श्रीमती गजाला फैजल, केंद्रीय संचार मंत्रालय के निदेशक मनोज श्रीवास्तव, श्रीमती नुसरत मेहंदी और श्रीमती रज़िया हामिद इस अवसर पर सम्मानित अथिति थे। इस अवसर पर मनोज श्रीवास्तव समेत सभी अथितियों ने अपने विचार रखे।

इससे पहले ए.यू. शिक्षा सोसाइटी के अध्यक्ष कलीम अख्तर ने मेहमानों का स्वागत किया जबकि ए.यू. स्कूल भोपाल के छात्रों ने तराना सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एक पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रारंभ में उद्घाटन कार्यक्रम पवित्र कुरान के पाठ के साथ शुरू हुआ।

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