19 साल पुराने हत्याकांड में CM योगी आदित्यनाथ को नोटिस, 27 अक्टूबर को सुनवाई

19 साल पुराने हत्याकांड में CM योगी आदित्यनाथ को नोटिस, 27 अक्टूबर को सुनवाई

महराजगंज जिला एवं सत्र न्यायालय ने 19 साल पुराने हत्याकांड में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व 21 अन्य आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 27 अक्तूबर को होगी। मामला पचरुखिया में तालाब पर बने कब्रिस्तान और श्मशान की जमीन से जुड़ा है। भूमि विवाद में हुई हिंसा में गोली लगने से एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई थी।

दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता हमीदुल्लाह खां ने बताया कि पत्रावली से मिली जानकारी के मुताबिक तलत अजीज ने 10 फरवरी, 1999 को महाराजगंज में एक बैठक बुलाई थी।

आरोप है कि गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के मौके पर पहुंचने के बाद वहां हिंसा भड़क उठी और गोली लगने से तलत अजीज की सुरक्षा में तैनात पुलिस के हेड कांस्टेबल सत्य प्रकाश की मौत हो गई।

इस मामले में अजीज ने कोतवाली थाने में योगी और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। एसएचओ बीके श्रीवास्तव ने भी योगी और 21 अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 153ए और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।

दूसरी ओर, तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने तलत अजीज और अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उन्होंने तलत अजीज एवं अन्य पर हमला करने का आरोप लगाया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीबीसीआईडी को सौंपी गई। छानबीन के बाद जांच एजेंसी ने अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामले को बंद कर दिया।

तलत अजीज ने सीबीसीआईडी की अंतिम रिपोर्ट को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष चुनौती दी। तलत अजीज की याचिका को आपराधिक शिकायत के तौर पर लिया गया।

हालांकि, मजिस्ट्रेट ने 13 मार्च, 2018 को इसे खारिज कर दिया। इसके बाद तलत अजीज उच्च न्यायालय पहुंचे। हाईकोर्ट ने याचिका पर गौर करने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई का निर्देश दिया। इसके बाद सीएम व अन्य आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।

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