Sunday , April 22 2018

अररिया उपचुनाव: मुसलमानों की सियासी समझ ने नीतीश- बीजेपी गठबंधन को धूल चटाई!

बिहार में एक लोकसभा और दो विधानसभा में परिणाम सामने आ गए है। अररिया लोकसभा सीट पर आरजेडी के उम्मीदवार ने 43,345 वोटों से बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं जहानाबाद में भी आरजेडी ने 35,036 वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं एक मात्र सीट भभुआ में भाजपा की पिंकी रानी ने आरजेडी उम्मीदवार को 15,490 वोटों से हराया है।

इससे पहले बिहार उपचुनाव में एकमात्र लोकसभा सीट अररिया में गिनती लगभग अंतिम दौर तक RJD उम्मीदवार सरफराज आलम बड़े अंतर से बीजेपी उम्मीदवार पर बढ़त बनाई थी। सरफराज आलम का जितना लगभग तय माना जा रहा था।

लेकिन कई सवाल खड़े हो गये हैं बीजेपी के लिए। चुनाव प्रचार के दौरान अररिया के मुसलमानों को लेकर बीजेपी नेता ने जिस प्रकार बयानबाजी की थी उसी का जवाब माना जा रहा है। मालूम हो कि अररिया मुस्लिम बहुल क्षेत्र माना जाता है।

इससे पहले सरफराज आलम के पिता और कद्दावर नेता मोहम्मद तस्लीमुद्दीन सासंद थे। इससे पहले एक रिपोर्ट आई थी कि यहां के मुसलमानों ने बढ़ चढ़कर वोट केवल नीतीश कुमार को हराने के लिए किया था। सूत्रों की मानें तो मुसलमानों ने नीतीश कुमार के खिलाफ़ अपनी गुस्से का इजहार किया और घरों से निकल कर वोट किया।

बिहार में सत्तारूढ भाजपा जदयू गठबंधन तथा विपक्षी राजद कांग्रेस गठबंधन अररिया लोकसभा सीटों पर और दो विधानसभा क्षेत्र में आमने सामने हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले साल महागठबंधन तोड़ कर भाजपा की अगुवाई वाली राजग में शामिल होने के बाद प्रदेश में पहली बार मतदान हुए हैं।

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा है। अररिया से राजद सांसद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद यह इस सीट पर उप चुनाव कराया गया है।

इस सीट पर यहां लडाई मुख्य रूप से राजद और भाजपा के बीच है। राजद ने तसलीमुद्दीन के बेटे सरफराज आलम को मैदान उतारा है जबकि भाजपा ने प्रदीप सिंह को खड़ा किया है । प्रदीप यहां से 2009 में चुनाव जीत चुके हैं जबकि 2014 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

TOPPOPULARRECENT