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बिहार: सौचालय निर्माण के कामों में असमंजस, कहीं जरुरत से ज्यादा तो कहीं न के बराबर!

राज्य के 19 नगर निकाय जल्द ही खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित होंगे इन सभी निकायों में शौचालय बनाने का जितना लक्ष्य तय था उसमे मात्र 300 शौचालय बनाना बाकी रह गया है । खास बात यह है कि कई निकायों में लक्ष्य से अधिक शौचालय का निर्माण किया गया है लेकिन 50 नगर निकाय ऐसे हैं जहां 7% से भी कम काम हो पाया है ।

अधिक काम करने वालों का लक्ष्य बढ़ाने के साथ कम काम करने वालों से जवाब तलब करने का निर्देश विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने दिया है । नगर विकास के प्रधान सचिव ने इस कार्यक्रम की समीक्षा की तो पता चला कि पटना नगर निगम के अलावा रोसड़ा, अररिया ,फारबिसगंज और जोगबनी की स्थिति सबसे खराब है।

इसी के साथ दरभंगा नगर निगम में भी डाटा सर्वे का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। लिहाजा वहां के सिटी प्रबंधक से भी जवाब तलब करने का निर्देश दिया गया है ।

पटना नगर निगम में लक्ष्य का सिर्फ 36% ही काम हो सका है। सबसे कम काम रोसड़ा में हुआ है। वहां सिर्फ 1% और बगहा में मात्र 22% काम हुआ है सिमरी बख्तियारपुर में भी 26% ही काम हुआ है।
विभाग की जानकारी के अनुसार फुलवारीशरीफ, बाढ़ ,खगौल, दानापुर, खुसरूपुर ,नासिर गंज ,मोहनिया ,जगदीशपुर ,बेतिया, जनकपुर रोड, औरंगाबाद ,दाउदनगर, रफीगंज और हिसुआ नगर निकाय शौचालय बनाने में सबसे आगे हैं ।

उम्मीद है कि इसी महीने यह नगर निकाय लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे उसके बाद उन्हें ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा इसके अलावा भी कुछ निकायों में प्रगति काफी तेज है। फुलवारी शरीफ में लक्ष्य के साथ 10 सीटों वाला पोर्टेबल शौचालय नहर के किनारे लगाया जाएगा।

मोतिहारी से अनिसुर्हमान की रिपोर्ट

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