डॉक्टर का दावा, बिहार की लिट्टी खाने से ठीक होती है डायबिटीज

डॉक्टर का दावा, बिहार की लिट्टी खाने से ठीक होती है डायबिटीज
Click for full image

पटना: बिहार का मशहूर वयंजन लिट्टी को आप चाहे जिस नजरिए से देखते हों लेकिन यह डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान से कम नहीं. यह दावा पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अल्यूमनी और दिल्ली के मशहूर डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. नरेन्द्र विन्नी गुप्ता ने किया है कि बिहार का मशहूर पारंपरिक व्यंजन लिट्टी खाने से मधुमेह की बीमारी ठीक होती है.

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

जनसत्ता के अनुसार, पटना में शुक्रवार को आयोजित डॉ. गया प्रसाद मेमोरियल व्याख्यान में भाग लेते हुए डा. गुप्ता ने कहा कि लिट्टी खाने से इन्सुलिन रेसिस्टेन्ट मरीजों में हार्मोन डिजॉर्डर कंट्रोल करने में मदद मिलती है. गुप्ता के अनुसार, “लिट्टी भुने हुए चने के पावडर यानी सत्तू से बना होता है जो इन्सूलिन रेसिस्टेन्ट प्रॉब्लम को ठीक करने में मदद करता है.”
इतना ही नहीं सत्तू से बने लिट्टी खाने से शूगर लेवल कंट्रोल रहता है, जबकि सुगर के मरीजों को इन्सुलिन नियंत्रित करने के लिए सामान्यत: तीन महीने की दवा दी जाती है. जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज की परेशानी होती है उससे काफी पहले उसमें इन्सुलिन रेसिस्टेन्ट डिटेक्ट होता है. खून में शूगर की ज्यादा मात्रा टिश्यूज और शरीर के अंगों को नष्ट कर देता है. इसलिए उस शूगर लेवल को कम करने के लिए शरीर को ज्यादा मात्रा में इन्सूलिन प्रोड्यूज करने के लिए जोड़ लगाना पड़ता है. ऐसे में इन्सूलिन प्रोड्यूज करने वाले पैनेक्रियाज के सेल्स थक जाते हैं और तब टाइप-2 डायबिटीज की बीमारी होती है. मेटाबॉलिज्म के तहत इन्सुलिन ही ब्लड में मौजूद शूगर को पचाता है. और यह लिट्टी खाने से शुगर लेवल कम करने में काफी मदद मिलती है, क्योंकि सत्तू से बने लिट्टी में इन्सुलिन नियंत्रित करने की काफी क्षमता होती है.

इस व्याख्यान में आर्यभट्ट विश्वविद्यालय के कुलपति एसपी सिंह, पटना के मशहूर न्यूरो-फिजिशियन और पीएमसीएच के अलूमनी डॉ. गोपाल प्रसाद सिन्हा, पीएमसीएच के प्रिंसिपल एस एन सिन्हा समेत कई लोग मौजूद थे.

Top Stories