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बिहार में केवल दो कानूनी बूचड़खाने, 140 बूचड़खानों को बंद करने का आदेश

बिहार : बिहार में सत्ता की तख्तापलट होते ही सियासी राजनीति तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश के बाद, बिहार ने अब राज्य में सभी अवैध बूचड़खानों को बंद करने का फैसला कुछ दिन पहले लिया गया.

राज्य के पशु मंत्री पशुपति कुमार पारस ने शनिवार को यह घोषणा के बाद, बिहार में लगभग 140 के करीब बूचड़खानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के रिपोर्ट के अनुसार राज्य में केवल दो बूचड़खान ही कानूनी हैं. पटना के करीब 300 किलोमीटर दूर अररिया जिले के फॉरबिसगंज में दो कानूनी बूचड़खानों हैं. पशु और मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि केवल इन दोनों बूचड़खानों को वैद्य लाइसेंस प्राप्त है.

पशुपति पारस ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि “मैं विभाग के सचिव को कहा है राज्य में सभी बूचड़खाने पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए, अवैद्य रूप से जिनके पास भी लाइंसेंस है उन सभी को खारिज कर दिया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट और गवर्निंग के आधार पर सभी अवैध बूचड़खाने को बंद कर दिया जायगा।

हालांकि सरकारी आकड़ों की माने तो अवैध बूचड़खानों की सबसे बड़ी संख्या सीमांचल में है. जिसमें किशनगंज और पूर्णिया शामिल हैं. पटना जिले में एक दर्जन से भी अधिक अवैध बूचड़खानों हैं. बूचड़खानों के लिए लाइसेंस नगरपालिका द्वारा जारी किया जाता है.

इस बारे में आरजेडी के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि “यह सरकार सांप्रदायिक को बढ़ावा देती आई है. जो कि शपथ ग्रहण के एक हफ्ते के अंदर भोजपुर में देखी गई थी. नीतीश केवल इस सरकार का मुखौटा है. सच तो ये है ये सत्ता मुख्य रूप से भाजपा द्वारा चलाया जा रहा है.

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