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हनुमान जयंती: पटाखे- फोड़ते हुए रंग- गुलाल उड़ाते हुए निकाली गई बाइक रैली, चार मस्जिदों के बाहर रोका गया

देश की राजधानी दिल्ली में हथियारों के साथ बाइक रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोग उस दौरान तलवारें लिए थे। वे पटाखे फोड़ते हुए और रंग-गुलाल उड़ाते हुए सड़कों से गुजरे थे। उनके हाथों में तब भगवा रंग के झंडे भी थे, जिसे वे लहरा रहे थे।

हुड़दंग के चलते करीब चार मस्जिदों के बाहर उस रैली को रोका भी गया था। यह मामला एक अप्रैल (रविवार) का है। हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में रैली को पूर्वी दिल्ली के कुछ इलाकों के साथ शाहदरा से निकाला गया था। रैली निकाले जाने के बाद पुलिस में इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और आनंद विहार से काउंसलर गुंजन गुप्ता ने इस रैली को मधु विहार स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था। उनका कहना है कि इस रैली में कुछ भी गलत नहीं हुआ। पुलिस को दी गई शिकायत में गुप्ता के अलावा मंडावली से काउंसलर शशि चंदन पर भीड़ को उकसाने और इलाके में तनाव की स्थिति पैदा करने का आरोप लगा है।

गुप्ता का कहना है कि वह रैली में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने सिर्फ उसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। रैली में किसी प्रकार की हिंसा नहीं हुई। यह बिल्कुल वैसी ही रैली थी, जैसे कि मोहर्रम में रैलियां निकाली जाती हैं।

दिल्ली के मंडावली इलाके की तस्वीर। (एक्सप्रेस फोटोः गजेंद्र यादव)
एडिश्नल डीसीपी (पूर्व) जसमीत सिंह ने कहा कि ‘बजरंग शक्ति’ रैली का आयोजन अखंड भारत मोर्चा ने किया था। संगठन ने बाइक रैली निकालने के लिए आज्ञा ली थी। मस्जिदों के बाहर हुड़दंग की बात है तो कुछ लोग रैली में थे, जिन्होंने वैसा किया।

रैली के वीडियो भी बनाए गए थे। मंडावली में फजल-ए-इलाही मस्जिद के इमाम ने मधु विहार पुलिस थाने में शिकायत दी थी। लेकिन उन्होंने बाद में यह भी कहा कि वह इस मामले को आगे बढ़ाना नहीं चाहते।

शिकायत के अनुसार, “रैली में शामिल लोग चिल्ला रहे थे- हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा।” चश्मदीदों की मानें तो यह बाइक रैली जामा मस्जिद के बाहर भी 10-15 तक रुकी रही थी। यह रैली सुबह 10 बजे शुरू हुई थी।

हालांकि, रैली के दौरान भारी पुलिस बल भी बाइक सवार लोगों पर पैनी नजर बनाए हुए था। पेशे से सिविल इंजीनियर फैजल ने बताया कि मोहम्मदी मस्जिद के बाहर रुकी रैली देखकर उन्हें लगा था कि यह कोई बरात में जाने वाली रैली है।

मगर बाद में वे लोग तलवारें निकाल कर लहराने लगे थे, जबकि रैली में शामिल होने वाले युवकों ने दावा किया कि उन्होंने सिर्फ फूल की पंखुड़ियां और पत्तियां लोगों पर डाली थीं।

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