Friday , December 15 2017

UP में भाजपा जीती नहीं बल्कि बुरी तरह हारी है

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में जहां एक ओर भाजपा की कामयाबी का ढोल बजाया जा रहा है और खुद प्रधानमंत्री मोदी इस कामयाबी को गुजरात में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्ष कांग्रेस ने चुनाव आयोग के फायनल नतीजे की रौशनी में दावा किया है कि भाजपा की जीत नहीं बल्कि बुरी तरह हार हुई है।

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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अफजल ने इन्कलाब ब्यूरो से बात करते हुए कहा कि कल यह कहा जा रहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की भारी जीत हुई है, लेकिन आज जब चुनाव आयोग की ओर से सही आकंडे आए हैं तो मालूम यह हुआ कि भाजपा की उत्तर प्रदेश में भारी हार हुई है। उन्होंने कहा कि जो ईलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए मेयर के चुनाव हुए हैं इसमें भाजपा की कामयाबी हुई है कि जिसको बुनियाद बनाकर उसकी बंपर जीत का डंका बजाय जा रहा है। लेकिन जो हजारों सीटों पर चुनाव बैलट पेपर से हुए हैं कि जहां भाजपा को हार मिली है उसको नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसमें भाजपा को 15 से 28 फीसद वोट मिले हैं लेकिन उसका ज़िक्र नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं बताना चाहता हूँ कि चुनाव आयोग के जरिए अब जो आकंडे आए हैं उसने साफ़ कर दिया है कि जो निकाय चुनाव के नतीजे आए हैं उसमें चेयरमैन ही नहीं बल्कि भाजपा के सदस्य भी बुरी तरह से हारे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां पर 280 सीटों पर लोग चुनाव लड़ रहे थे वहां भाजपा को सिर्फ 67 सीट मिली हैं। जहां चेयरमैन के लिए 425 लोग लड़ रहे थे वहां सिर्फ 100 सीट ही भाजपा को मिली हैं।

उन्होंने कहा कि 5000 के करीब नगर पंचायत के और लगभग 4500 के क़रीब नगर पालिकाओं में चुनाव लड़ रहे थे, उसमें भाजपा को बुरी तरह हार हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्क सिर्फ इतना है कि जहां ईवीएम के जरिए चुनाव हुआ है वहां भाजपा जीत रही है और जहां बैलट पेपर से चुनाव हुए हैं वहां भाजपा हार रही है।

मुमताज़ आलम रिज़वी

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