VIDEO: बीजेपी में सुन्नी मुस्लिमों की नहीं होती इज्जत, शिया मुसलमान हावी हैं- बीजेपी नेता

VIDEO: बीजेपी में सुन्नी मुस्लिमों की नहीं होती इज्जत, शिया मुसलमान हावी हैं- बीजेपी नेता

बीजेपी नेता ने खुद अपनी ही पार्टी पर हमला बोल दिया है। उन्होंने कहा कि “हम सुन्नियों से बीजेपी को बहुत वोट मिले हैं। वोट हम दे रहे हैं लेकिन लाभ किसी अन्य को दिया जा रहा है। हम कई बार अपनी परेशानी से बीजेपी को अवगत करा चुके हैं, लेकिन हमारी समस्या का निवारण नहीं किया जा रहा।”

बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि पार्टी में मुसलमानों को कोई तवज्जो नहीं दी जाती। इसके साथ ही नेता ने यह आरोप लगाया है कि शिया मुस्लिम, सुन्नी मुसलमानों की आबादी के डेढ प्रतिशत भी नहीं है लेकिन फिर भी पार्टी में उन्हें लाभ पहुंचाया जाता है।
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नेता का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार बात की है लेकिन पार्टी में उनकी सुनी नहीं जाती। यह सारी बात बीजेपी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक प्रेस कांफ्रेस में कही। बीजेपी नेता ने कहा, “वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और मीडिया के माध्यम से हम उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमारा मुख्य मुद्दा शिया-सुन्नी मुस्लिम का है। 9 प्रतिशत सुन्नी मुस्लिमों ने बीजेपी को वोट दिया है। यह सब हम निर्वाचन आयोग से पूछ कर आए हैं। शिया-सुन्नी मुस्लिमों की दो जाति हैं और शिया हमारी आबादी के डेढ प्रतिशत भी नहीं हैं। देश में 98 प्रतिशत सुन्नी मुस्लिम हैं। जबसे बीजेपी की सरकार आई है तबसे यह सुन्नी विरोधी सरकार हो गई है। सुन्नी कार्यकर्ता शुरू से बीजेपी के साथ जुड़े हुए थे। सरकार बनने के बाद शिया मुस्लिम आकर सरकार पर हावी हो गए।”

बीजेपी नेता ने कहा, “केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गहरुल हसन और उत्तर प्रदेश के एकमात्र मुस्लिम मंत्री मोहसिन रजा सभी शिया मुसलमान हैं। हम सुन्नियों से बीजेपी को बहुत वोट मिले हैं। वोट हम दे रहे हैं लेकिन लाभ किसी अन्य को दिया जा रहा है।

हम कई बार अपनी परेशानी से बीजेपी को अवगत करा चुके हैं, लेकिन हमारी समस्या का निवारण नहीं किया जा रहा,  इसलिए हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र आकर अपनी समस्याएं रखनी पड़ रही हैं। पार्टी नेताओं के पास जाते हैं तो वे कहते है कि पार्टी में कोई नेता सुन्नी नहीं है तो हम किसका साथ दें।

जब हमारी भागीदारी पार्टी में रहेगी ही नहीं तो हमारा समाज भी उनसे क्यों जुड़ेगा। बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए मुसलमानों को पूरी तरह से इस्तेमाल करती है।”

साभार- जनसत्ता

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