Thursday , December 14 2017

BJP – PDP के इत्तेहाद से सिरदर्द बढ़ाएंगे अलहैदगी पसंद

जम्मू और कश्मीर में किसी भी पार्टी को मुकम्मल अक्सरियत नहीं मिलने के बाद सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी और भाजपा के बीच मुम्किना इत्तेहाद की हुकूमत का अलहैददगी पसंदों ने अभी से एहतिजाज शुरू कर दिया है।

जम्मू और कश्मीर में किसी भी पार्टी को मुकम्मल अक्सरियत नहीं मिलने के बाद सबसे बड़ी पार्टी पीडीपी और भाजपा के बीच मुम्किना इत्तेहाद की हुकूमत का अलहैददगी पसंदों ने अभी से एहतिजाज शुरू कर दिया है।

अलहैदगीपसंदो ने पीडीपी-भाजपा के बीच इत्तेहाद नहीं हो, इसके लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अलहैदगीपसंद तंज़ीम हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के लीडर शब्बीर अहमद शाह ने कहा, “वह (मुफ्ती मोहम्मद सईद) इक्तेदार हासिल करने के लिए फिर्कावाराना और कश्मीर मुखालिफ पार्टी भाजपा से हाथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं।”

शब्बीर ने कहा, “हाल ही में हुए इलेक्शन में कश्मीरी लोगों ने पीडीपी सरपरस्त मुफ्ती मोहम्मद सईद को संघ परिवार के साथ इत्तेहाद करने के लिए वोट नहीं दिया। भाजपा की तक्सीम वाली पालिसी विधानसभा में अक्सरियत हासिल करती है तो यह रियासत और मुल्क के लिए नुकसानदेह होगा। हम जम्मू एवं कश्मीर के geographical division के किसी भी कोशिश के खिलाफ जान लड़ा देंगे। “इंडियन सपोर्टर्स” सियासी पार्टी जैसे पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और आज़ाद एमएलए एक ही सिक्के के अलग-अलग पहलू हैं।”

हुर्रियत लीडर ने पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस और आज़ाद एमएलए की ताईद से नई हुकूमत बनाने का बिलावास्ता तौर पर ताईद भी किया है।

काबिल ए ज़िक्र है कि रियासत में हुए विधानसभा इंतेखाबात में पहली बार भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी की शक्ल में उभरकर सामने आई है। 28 सीटों के साथ पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी है। 87 सीटों वाली विधानसभा में अक्सरियत की हुकूमत बनाने के लिए 44 एमएलए की जरूरत है। पीडीपी और भाजपा ने इत्तेहाद वाली हुकूमत बनाने के इशारे दिए हैं और दोनों पार्टियों के बीच सीएम के ओहदे को लेकर बात चीत हो रही है |

जम्मू और कश्मीर में इस बार आलहैदगी पसंद तंज़ीम हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। आमतौर पर इलेक्शन का बायकाट का ऐलान करने वाली हुर्रियत इस बार खामोश थी लेकिन पीडीपी-भाजपा के इम्कानिया इत्तेहाद पर उसने अभी से मुखालिफत शुरू कर दिया है।

TOPPOPULARRECENT