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मालेगांव ब्लास्ट केस के एक और आरोपी मेजर रमेश उपाध्याय को मिली ज़मानत

2008 मालेगांव बम धमाके के एक और आरोपी मेजर रमेश उपाध्याय को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को ज़मानत दे दी है। इससे पहले इसी साल बीते अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने इस धमाके के मुख्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को भी जमानत दी थी।

जस्टिस रंजीत मोरे और साधना जाधव की पीठ ने उपाध्याय की याचिका समानता के आधार पर 1 लाख रुपए के व्यक्तिगत बांड जमा करने का आदेश देते हुए मंज़ूर कर ली, क्योंकि इस मामले में दूसरे मुख्य आरोपी को उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायलय से ज़मानत मिल चुकी है।

वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वकील संदेश पाटिल ने ज़मानत याचिका का विरोध किया तो हाई कोर्ट ने कहा कि उसके हाथ सर्वोच्च न्यायालय के समानता पर दिए निर्देशों के आगे बंधे हुए हैं। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या बम धमाकों में उपाध्याय की भूमिका मुख्य आरोपी श्रीकांत पुरोहित के मुकाबले बड़ी थी?

बता दें कि 29 सितंबर 2008 को उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक जिले के संवेदनशील इलाके और कपड़ा के व्यवसाय वाले शहर मालेगांव में हुए एक बम विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में एक विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, पुरोहित और नौ अन्य के खिलाफ आरोप लगाया था।

4,000 पेज के आरोपपत्र में यह कहा गया था कि मुस्लिम बहुल इलाके होने के कारण मालेगांव को बम धमाके के लिए लक्ष्य के रूप में चुना गया था। इसके पीछे मुख्य षड्यंत्रकारियों के रूप में ठाकुर, पुरोहित और सह-आरोपी स्वामी दयानंद पांडे का नाम आया था। हालांकि, एनआईए ने पिछले साल ठाकुर को इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी।

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