श्रीलंका: मुसलमानों के ख़िलाफ़ दंगा कराने के आरोपी बौद्ध नेता की गिरफ़्तारी का आदेश

श्रीलंका: मुसलमानों के ख़िलाफ़ दंगा कराने के आरोपी बौद्ध नेता की गिरफ़्तारी का आदेश
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श्रीलंका की अदालत ने मुसलमानों से जुड़े कारोबार पर हमला करने के लिए उकसाने के आरोप में बौद्ध नेता की गिरफ़्तारी का आदेश दिया गया है. हालांकि पिछले दो हफ्तों में यह हमले बढ़ गए हैं।

राष्ट्रपति मैत्रीपला एसरसेन ने 2015 में सत्ता संभालने के बाद मुस्लिम विरोधी अपराधों की जांच करने का वादा किया था।

कवावाटे शहर में इस हफ़्ते एक और मुसलमान की दुकान जलाने का मामला सामने आया था।

बता दें कि बोडो बाला सेना (बीबीएस) के जनरल-सेक्रेटिव गालगोदा अत्ता ज्ञानशाह ने जून 2014 में हुए अलथगमा दंगों के बाद मुस्लिमों के ख़िलाफ़ अपने बौद्ध समर्थकों को प्रोत्साहित किया था। इसके ज़रिए बौद्धों और मुसलमानों के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश की गई थी।

श्रीलंका की 20 लाख की आबादी में 10 प्रतिशत से कम मुसलमान हैं। अधिकांश सिंहली बौद्ध और तमिल हिंदू हैं। राजनीतिक विश्लेषक अमजद मोहम्मद सलीम ने अल जजीरा को बताया कि यह चिंताजनक है कि हिंसक बौद्ध राष्ट्रवाद फिर से उभरा है।

श्रीलंका की मुस्लिम परिषद के उपाध्यक्ष हिल्मी अहमद ने बताया कि श्रीलंका की अदालत ने अब उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया है।

आमांथी रतनकाये जोकि खुद एक सिंहली है, का कहना है कि बीबीएस समूह देश के अधिकांश बौद्धों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। हम शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं और हम अपने साथी मुस्लिम पड़ोसियों पर किए गए कृत्यों का समर्थन नहीं करते हैं।

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