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थाइलैंड का एक ऐसा करोड़पति बौद्ध भिक्षु जिसकी काली करतूतें जान आप हो जाएंगे हैरान

सोशल मीडिया पर बौद्ध भिक्षुओं के एक समूह का वीडियो वायरल हो रहा है । वीडियो 2013 का है । वीडियो में नारंगी पोशाक में सिर मुंडाए बौद्ध भिक्षुओं का ग्रुप एक एग्जेक्युटिव जेट में सवार है। ये आपस में लग्ज़री सामान एक-दूसरे को ले-दे रहे हैं।

वीडियो में दिख रहा शख्स बौद्ध भिक्षु बनने से पहले विरापोल सुकफोल नाम से जाना जाता था । थाईलैंड के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेशल इन्वेस्टिगेशन (डीएसआई) ने बौद्ध भिक्षु की इस ऐश-ओ-आराम वाली लाइफ स्टाइल का पर्दाफाश किया है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बौद्ध भिक्षु के 10 बैंक खातों से कम से कम 38 करोड़ 67 लाख रुपए (6 मिलियन डॉलर) मिले हैं। इसके पास 28 मर्सेडीज बेंज़ कारें हैं। विरापोल ने दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया में एक हवेली बना रखी है।

विरापोल की थाईलैंड के उबोन रत्चाथानी शहर में एक बड़ी और शानदार हवेली है। इन्होंने बैंकॉक के रॉयल पैलेस में बुद्ध की एक विशाल मूर्ति भी बनवाई है। इसके बारे में उन्होंने दावा किया था कि इसमें नौ टन सोना लगा है, हालाँकि बाद में यह दावा झूठा साबित हुआ था।

डीएसआई के मुताबिक इसके सबूत भी मिले हैं कि विरापोल के कई महिलाओं से यौन संबंध हैं। एक महिला का दावा है कि विरापोल से उनका एक बच्चा हुआ है। महिला के मुताबिक जब वह 15 साल की थीं तब विरापोल के बच्चे की मां बनी थीं। डीएसआई का कहना है कि डीएनए टेस्ट इस दावे के पक्ष में है।

विरापोल अमेरिका से फरार हो गए था और थाईलैंड के अधिकारियों को उसे वापस लाने में चार साल लग गए । विरापोल ने धोखाधड़ी के आपराधिक मामले, हवाला और रेप जैसे संगीन आरोपों से इनकार किया है

थाईलैंड में बौद्ध भिक्षुओं के पतन की कहानी कोई नई नहीं है। आजकल की लाइफ स्टाइल की लालच में बौद्ध भिक्षुओं ने गलत रास्ते इख्तियार किए हैं । ये बौद्ध भिक्षु ड्रग्स लेते हैं, डांस करते हैं और महिलाओं, पुरुषों, लड़कियों और लड़कों से यौन संबंध बनाते हैं।

साल 2000 की शुरुआत में विरापोल हाशिए के पूर्वी प्रांत सिसाकेट से आया था। एक मठ की स्थापना के लिए गांव की ज़मीन दान में दे दी । सब-डिस्ट्रिक्ट प्रमुख इट्टिपोल नोंथा के मुताबिक कुछ स्थानीय लोग उनके मंदिर गए और उन्होंने दया भाव दिखाते हुए दान की पेशकश की।

इसके बाद विरापोल ने बड़े समारोहों का आयोजन शुरू कर दिया। वह ताबीज़ बेचने लगा और देश अन्य हिस्सों से धनी लोगों को आकर्षित करने के लिए बुद्ध की पन्ने की एक विशाल मूर्ति बनवाई। विरापोल के भक्तों ने उनके बारे में कई तरह के भ्रम को फैलाना शुरू किया।

ख़ासकर उनकी कोमलता, अच्छी आवाज़ उनमें कथित अलौकिक शक्ति का प्रचार किया गया। विरापोल के भक्तों ने प्रचारित किया कि वह पानी पर चलते हैं और देवताओं से बात करते हैं। इन प्रचारों से विरापोल की लोकप्रियता दूर-दूर तक बढ़ने लगी।

इन्हें कई कारें गिफ्त में मिलीं। यहां तक कि अब भी उनके समर्थकों की लंबी फेहरिस्त है जिनका मानना है कि वह दिल से एक नेक इंसान हैं और दान में मिली बेशुमार संपत्ति से आनंदमय जीवन जी रहे हैं।

सरकार ने अब मंदिरों से जुड़े ज़रूरी क़ानून को पास किया है। मंदिरों को हर साल दान में मिलने वाली करोड़ों की रकम जमा की जाएगी और साथ ही सारे वित्तीय रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना होगा। इसके साथ ही हर बौद्ध भिक्षु को एक डिजिटल आईडी कार्ड देने की बात कही जा रही है। इस डिजिटल कार्ड के ज़रिए बौद्ध भिक्षुओं पर नज़र रखी जाएगी।

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