चीन ने एक ऐसी गलती कर दी जिसकी वजह से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खौफ फैला हुआ है। चीन वुहान शहर से शुरू हुआ यह जानलेवा वायरस चीन की गलती की वजह फैला है।
डेली न्यूज़ पर छपी खबर के अनुसार, कोरोना वायरस के फैलने के लिए अब चीनी सरकार और स्वास्थ्य प्रबंधकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
बताया गया है कि वुहान के एक अस्पताल में डॉक्टर ली वेनलियांग ने 30 दिसंबर को 7 मरीजों को रहस्यमयी बीमारी से पीड़ित पाया था। इसके बाद उन्होंने सतर्कता बरतते हुए उन्हें तुरंत आइसोलेशन वॉर्ड में रखने के आदेश दिए।
इतना ही नहीं बल्कि इस वायरस बात लीक करने वाले डॉक्टर ली को तीन दिन बाद पुलिस ने कार्यवाही की और उनकी बात को गैर-कानूनी ठहराते हुए उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर ले लिए।
कोरोना वायरस का मूल गढ़ वुहान शहर के उस बाजार को बताया जा रहा है, जहां करीब 112 किस्म के जानवरों के मांस का कारोबार होता है। खबर है कि यहां सड़े-गले मांस की वजह से यह वायरस पहले सांप में दाखिल हुआ। इसके बाद किसी सांप को खाने की वजह से इस वायरस ने इंसान के शरीर में जगह बनाई।
रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस का पहला मामला दिसंबर में ही सामने आ गया था, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से लेने में देरी दिखाई।
सरकार की ओर से जनवरी में कोरोना वायरस को लेकर पहला बयान जारी किया गया। इसके बाद यह वायरस धीरे धीरे पूरी दुनिया में फैलता गया।
कोरोना वायरस फैलने के बाद चीन की सरकार ने अधिकारियों और डॉक्टर्स पर चुप रहने के लिए दबाव बनाए रखा। जानकारी मिलने के अभाव में लोग इस वायरस से अनजान रहे और सही समय पर अपना बचाव नहीं कर पाए।
वुहान के बाजारों पर भी यह कहकर ताले लगाए गए थे कि यहां की दुकानों को रेनोवेट किया जाना है। बताय गया है कि यदि पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स और मेडिकल प्रोफेशनल्स ने लोगों को सही समय पर आगाह किया होता तो शायद इस खतरनाक वायरस को फैलने से रोका जा सकता था।
खबर है इस वायरस की चपेट में पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों के लोग भी आ चुके हैं जो चीन और थाईलैंड जैसे देशों में रहते हैं।