बुलंदशहर हिंसा में सुदर्शन टीवी के सुरेश चौहान ने दंगा भड़काने की कोशिश की!

बुलंदशहर हिंसा में सुदर्शन टीवी के सुरेश चौहान ने दंगा भड़काने की कोशिश की!

बुलंदशहर की हिंसा से सिर्फ़ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पुरे देश की चिंता बढ़ा दी है। भीड़ द्वारा हमला कर किसी को मौत के घाट उतार देना, आज कल देश में चलन सा बन गया है। बुलंदशहर हिंसा में इस देश ने एक बहादुर पुलिस अफसर को खोया है। आपको बताता चलूं की जिस पुलिस अधिकारी की मौत हुई है, वो एक इंसाफ़ पसंद अफसर थे। वे दादरी में मॉब लिंचिंग में मारे गये अख़लाक केस में जांच अधिकारी रहे हैं। आपको बता दें कि बुलंदशहर के स्याना में गोकशी की अफवाह के बाद गुस्‍साई भीड़ के उपद्रव के बीच इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार और स्थानीय युवक सुमित की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। हत्या किसने की, इस पर जांच जारी है।

मागर सवाल है कि यह घटना हुई कैसे? अचानक एक भीड़ गोहत्या के अफवाह पर कैसे इकठ्ठा हुई? इन सब बातों पर गौर करने वाली बात है।
लेकिन एक बात जो सामने आई है, वो सुदर्शन टीवी के हेड सुरेश चौहान के ट्वीट से जोड़ कर देखा जा रहा है।

सुरेश चौहान अक्सर विवादों में रहते हैं। बुलंदशहर में तब्लीगी इज्तिमा को लेकर वो पहले से ही विवादित और भड़काने वाले ट्वीट कर रहे थे। जब से इज्तिमा शुरू हुई, वे अपने ट्वीटर हैंडल से इसके खिलाफ़ एक मुहिम चला रखे थे। अगर उनके ट्वीट पर आप गौर करेंगे तो देखेंगे कि वह कैसे किसी खास समुदाय के खिलाफ़ लोगों को भड़काने का काम कर थे।

हिंसा होने के बाद सुरेश चौहान ने इस घटना को तब्लीगी इज्तिमा से जोड़ दिया। उनके ट्वीट को देख बुलंदशहर पुलिस ने सुरेश चौहान के ट्वीट को रीटवीट् करते हुए साफ किया कि इस हिंसा का इज्तिमा से कोई संबंध नहीं है, और इज्तिमा बिल्कुल सही तरीके से संपन्न हुई। बुलंदशहर पुलिस ने आगे लिखा की यह घटना इज्तिमा जहां हुई, वहां से करीब 50 किमी दूर पर हुई है।

सुरेश चौहान के भड़ाऊ ट्वीट को लेकर देश के कई जानेमाने पत्रकारों ने भी सवाल उठाए हैं। इसके बावज़ूद भी सुरेश चौहान नहीं मान रहे हैं और ट्वीट कर इस घटना को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं।

Top Stories