Thursday , April 26 2018

अख़बार का दावा- फेक न्यूज बताने वाली साइट की खुली पोल: चलानेवाले का नरेंद्र मोदी से है कनेक्शन

बीते दो दिनों से केंद्रीय सूचना मंत्री स्मृति ईरानी समेत कम से कम 13 केंद्रीय मंत्रियों ने एक वेबसाइट का लिंक शेयर किया है। इस लिंक के जरिए ‘चार बड़ी फेक न्यूज’ का भंडाफोड़ करने का दावा किया गया है। 7 मंत्रियों ने इस लिंक को शेयर करते हुए टिप्पणी की, ‘फेक न्यूज के खिलाफ आवाज उठाइए।’ इस वेबसाइट thetruepicture.in का डोमेन रजिस्ट्रेशन whois.com के जरिए चेक किया गया तो पता चला कि यह पिछले साल ही रजिस्टर कराई गई है। बाकी डिटेल्स में एक लैंडलाइन टेलिफोन नंबर और ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन का जिक्र है। दिलचस्प बात यह है कि ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन पीएम मोदी की लिखी किताब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ की ‘टेक्नोलॉजी एंड नॉलेज पार्टनर’ है। पीएम की लिखी यह किताब हाल ही में लॉन्च हुई थी। इसका मकसद बच्चों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होने के टिप्स देना था।

द इंडियन एक्सप्रेस ब्लूक्राफ्ट वेबसाइट के पते के तौर पर दर्ज दिल्ली के कनॉटप्लेस स्थित दफ्तर पर पहुंचा। वहां मौजूद दो लोगों ने बताया कि वे ब्लूक्राफ्ट के लिए काम तो करते हैं, लेकिन इस नाम से कोई वेबसाइट नहीं चलाते। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के रिकॉर्ड के मुताबिक, ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन की स्थापना हितेश जैन और राजेश जैन ने 2016 में की थी। राजेश जैन तकनीक के क्षेत्र से जुड़े उद्यमी हैं, जो 2014 आम चुनाव में नरेंद्र मोदी के कैंपेन में शामिल रहे हैं। वह यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के भी पार्ट टाइम मेंबर रहे हैं। ब्लूक्राफ्ट के संस्थापक सीईओ अखिलेश मिश्रा भी मोदी के 2014 के कैंपेन से जुड़े रहे हैं। ब्लूक्राफ्ट में आने से पहले वह केंद्र सरकार के ऐप MyGov.in के कंटेंट डायरेक्टर भी रहे हैं। हालिया वक्त में ब्लूक्राफ्ट मोदी की किताब एग्जाम वॉरियर्स की टेक्नोलॉजी एंड नॉलेज पार्टनर है। इस कंपनी ने मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ पर एक किताब भी प्रकाशित की है।

इंडियन एक्सप्रेस ने जब मिश्रा से संपर्क किया तो उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ब्लूक्राफ्ट के द ट्रू पिक्चर वेबसाइट से कोई संबंध हैं। उन्होंने कहा, ‘हम इस वेबसाइट को नहीं चलाते।’ जब ब्लूक्राफ्ट और द ट्रू पिक्चर के समान लैंडलाइन नंबर होने की बात की गई तो मिश्रा ने कहा, ‘यह किसी किस्म का मिक्सअप हो सकता है।’ वहीं, राजेश जैन ने मोबाइल पर किए कॉल्स या संदेशों का कोई जवाब नहीं दिया। बता दें कि जिन मंत्रियों ने इस वेबसाइट का लिंक शेयर किया है, उनमें पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, राधा मोहन सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, बीरेंदर सिंह, थावरचंद गहलोत, किरन रिजीजू, एमजे अकबर, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, विजय गोयल, बाबुल सुप्रियो, पोन राधाकृष्णन और अर्जुन राम मेघवाल आदि शामिल हैं।

साभार- इंडियन एक्सप्रेस

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