IRCTC के फर्जी सॉफ्टवेयर से करते थे टिकट बुक, कई जगह छापे, CBI अफ़सर गिरफ्तार

IRCTC के फर्जी सॉफ्टवेयर से करते थे टिकट बुक, कई जगह छापे, CBI अफ़सर गिरफ्तार

तत्काल टिकट बुकिंग का अवैध सॉफ्टवेयर के द्वारा रेलवे के  टिकट बुकिंग के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली, उत्तर-प्रदेश सहित देश भर में 14 स्थानों पर छापेमारी की। शाम तक चली छापेमारी में बड़ी संख्या में लेपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, सिम, पैन ड्राइव, डोगल सहित लाखों रुपये नगद, दो किलो सोने की ईंटें तथा अन्य आभूषण बरामद किये हैं। इस सिलसिले में सीबीआई में कार्यरत एक सहायक प्रोग्रामर सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार सहायक प्रोग्रामर का नाम अजय गर्ग तथा उसके साथी का नाम अनिल गुप्ता है। अजय गर्ग दिल्ली तथा साथी मुंबई का निवासी है। इनके अलावा एफआईआर में 13 लोगों को और नामजद किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट, रेलवे एक्ट सहित भ्रष्टाचार की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में सीबीआई की विभिन्न टीमें छापेमारी कर रही हैं।

सीबीआई में तैनात सहायक प्रोग्रामर अजय गर्ग इस रेलवे टिकटों की अवैध बुकिंग का मास्टर माइंड है। वह भारतीय रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्जम कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) में 2007 से 2011 के बीच काम कर चुका है। आरोप है कि उसने कुछ लोगों के साथ मिल कर तत्काल टिकटों की बुकिंग के लिए एक अवैध सॉफ्टवेयर सिस्टम तैयार किया। सिस्टम तैयार करने के बाद उसने अनिल गुप्ता के माध्यम से रेलवे के उनक एजेंटों को सॉफ्टवेयर बेचना शुरू कर दिया जो रेलवे टिकट बुकिंग का धंधा करते हैं। अनिल गुप्ता के माध्यम से और भी लोग इस धंधे में शामिल हो गए और उन्होंने देश भर के कई हिस्सों में बेचा और मोटी रकम कमाई । बताया गया कि अवैध सॉफ्टवेयर रेलवे और आईआरसीटीसी के नियमों के मुताबिक गैरकानूनी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि रेलवे एजेंटों से उन्होंने बिटक्वाइन और हवाला के माध्यम से भी रकम ली है। बताया गया कि इस साफ्टवेयर के माध्यम से एक बार में सैंकड़ों टिकट बुक किये जा सकते हैं।

 

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