लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने ममता बनर्जी का किया समर्थन

लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने ममता बनर्जी का किया समर्थन

कोलकाता : कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियों ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना समर्थन दिया। वह चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस प्रमुख से सीबीआई की पूछताछ के प्रयास के खिलाफ धरने पर बैठी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बनर्जी से फोन पर बात की और उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है और यह फासीवादी ताकतों को हराएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर ममता के साथ है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘ ममता दीदी से बात की और अपनी एकजुटता जाहिर की। मोदी-शाह दोनों की कार्रवाई पूरी तरह से अजीब और अलोकतांत्रिक है। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद भी तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के समर्थन में आए हैं। प्रसाद ने ट्वीट करते हुए कहा कि देश में संविधान और संवैधानिक संस्थाएं ‘अप्रत्याशित संकट’ का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में गृह युद्ध पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

लगभग पूरा विपक्ष ममता के समर्थन में आगे आ गया है. राजद नेता तेजस्वी यादव और द्रमुक सांसद कनिमोझी धरनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने उनके प्रति एकजुटता प्रकट की. यादव और कनिमोई ने बनर्जी से बातचीत की और उनसे रविवार शाम की घटनाओं के बारे में जानकारी ली.

तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि 22 पार्टियों ने केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है. ब्रायन ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ममता को अपनी पार्टी का समर्थन दिया है.

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में इन लोगों को हराने की जरूरत है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि देश मोदी-शाह की जोड़ी से सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है क्योंकि वे लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं.
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राकांपा नेता शरद पवार ने कहा: ममता जी के साथ जो कुछ हुआ वह दिल्ली में भी हो चुका है. केजरीवाल ने भी इसी तरह की स्थिति का सामना किया था. मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा: हम केंद्र सरकार की निरंकुशता और तानाशाही के खिलाफ ममता द्वारा उठाये गये कदम की सराहना एवं समर्थन करते हैं. हम उनके साथ और इस तानाशाही के खिलाफ उनकी लड़ाई में दृढ़ता से खड़े हैं.

इस बीच, राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने गृह मंत्रालय को पूरे मामले को लेकर अपनी रिपोर्ट भेज दी है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को राज्यपाल से फोन पर बातचीत की. उधर, सीबीआइ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा. अदालत ने कहा है कि सीबीआइ के पास पुलिस कमिश्नर के खिलाफ साक्ष्य नष्ट करने के सुबूत हैं तो वह कोर्ट को उपलब्ध कराये.

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