केन्द्र सरकार ने कहा : दिव्यांगों का हज करना जरूरी नहीं है

केन्द्र सरकार ने कहा : दिव्यांगों का हज करना जरूरी नहीं है
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नई दिल्ली। केंद्र ने नई हज पॉलिसी के तहत दिव्यांगों को हज यात्रा की इजाजत न देने के अपने फैसले को सही करार दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए सरकार ने कहा कि यह यात्रा उन्हीं के लिए है, जो शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हैं।

नवभारत टाइम्स के अनुसार केंद्र ने यह भी कहा कि ऐसे भी मामले आए हैं कि दिव्यांग लोग वहां जाकर भीख मांगने लगते हैं। एडवोकेट गौरव बंसल ने नई हज नीति में दिव्यांगों को हज के लिए अयोग्य ठहराने को असंवैधानिक बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने उच्च न्यायालय में यह जवाब दाखिल किया है।

मंत्रालय ने इसके लिए जेद्दा स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास की 2012 की सलाह का जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि दिव्यांगों की जांच सख्ती से होनी चाहिए क्योंकि ऐसे लोग वहां जांकर भीख मांगते पाए गए हैं, जो सऊदी अरब में प्रतिबंधित है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि पवित्र कुरान के तहत सबके लिए हज पर जाना जरूरी भी नहीं है। फिर भी हमने हज कमिटी से नए प्रावधानों पर फिर विचार को कहा है।

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