Wednesday , September 26 2018

UP: सेन्ट्रल वक्फ काउंसिल ने कहा- शिया वक्फ बोर्ड को यह तक पता नहीं इसका काम क्या है और करना क्या है

नई दिल्ली: केन्द्रीय शिया बोर्ड उत्तर प्रदेश को राजनितिक उखाड़ा बनाने वाले चेयरमैन वसीम रिज़वी की उस समय सारी पोल खुल गई, जब सेंट्रल वक्फ काउंसिल भारत सरकार की टीम ने बोर्ड के कामों का जायजा लिया।

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बाबरी मस्जिद पर दावा करने वाले इस शिया वक्फ बोर्ड को अपने स्थापना से लेकर अब तक यह नहीं पता हो सका कि उसका क्या काम है और न ही अब तक वक्फ भूमि का सर्वे हुआ है, और वक्फ जायदाद का कम्प्युटराइजेशन भी नहीं हुआ।

सेंट्रल वक्फ काउंसिल के सदस्य जस्टिस बरकत अली जैदी, मोहम्मद इकरामुल्लाह सिद्दीकी, मोहम्मद इरफ़ान अहमद, शोकत मोहम्मद खान और मोहम्मद खुर्शीद वारिसी पर शामिल टीम ने मौक़ा पर जाकर हालात का जायजा लिया और अब बहुत जल्द उसकी रिपोर्ट केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। सर्वे के बाद इंकलाब ब्यूरो से बात करते हुए मोहम्मद इरफ़ान अहमद ने कहा कि जिस तरह की कमियां और खामियां इस बोर्ड में देखने को मिली हैं, इससे पहले ऐसा नहीं देखा गया।

उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि शिया वक्फ बोर्ड को अब तक यह नहीं पता हो सका है कि उसका काम क्या है और को करना क्या है? उन्होंने कहा कि दूसरी सबसे बड़ी खामी यह है कि शिया वक्फ बोर्ड राज्य और केन्द्रीय सरकार से कोई संपर्क नहीं रख रहा है।

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