Thursday , July 19 2018

जम्मू : रोहिंग्या मुसलमानों को ‘पहचानने और मारने’ की धमकी’

जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने करीब एक साल बाद रोहिंग्या मुसलमानों और बांग्लादेशी नागरिकों को ‘पहचानने और मारने’ की धमकी देते हुए एक माह में यहाँ से जाने को कहा है।

विभिन्न संगठनों ने उनके खिलाफ जनमत जुटाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। रोहिंग्या के निष्कासन सम्बन्धी विज्ञापन स्थानीय समाचार पत्रों में छप रहे हैं जिनमें से कुछ विज्ञापन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और नेशनल पैंथर पार्टी जैसे संगठनों के नेताओं ने जारी किये हैं।

पैंथर्स पार्टी ने रोहिंग्या से जम्मू को बचाने के लिए प्रदर्शन किया और मांग की कि रोहिंग्या को निर्वासित किया जाए। 10 फरवरी को तीन आतंकियों ने सैन्य स्टेशन के अंदर हमला किया जिसमें छह सैनिक और एक नागरिक मारा गया था। बड़ी संख्या में रोहिंग्या सैन्य स्टेशन के पास स्थित क्षेत्रों में रहते हैं।

हमले के बाद जम्मू के दौरे के दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आतंकवादियों को स्थानीय समर्थन की संभावना को इंगित किया था। आतंकवादियों के सैन्य स्टेशन में प्रवेश करने के कुछ घंटों के बाद भाजपा के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष कविंदर गुप्ता ने दो देशों के प्रवासियों का नाम लिया था।

इन हमलों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराते हुए उन देशों पर उनकी टिप्पणी की थी जो बाद में खारिज कर दी गई। पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष बलवंत मांचीकोटिया ने कहा कि वे “समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ संपर्क में हैं ताकि वे सरकार को राज्य के बाहर अवैध आप्रवासियों को स्थानांतरित करने के लिए दबाव डाल सकें।

वाणिज्य और उद्योग अध्यक्ष चैंबर ऑफ कॉमर्स राकेश गुप्ता ने कहा कि जब वे राज्य में बसे हुए रोहिंगिया के खिलाफ थे, तब वे इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहे थे। चैंबर सचिव गौरव गुप्ता ने कहा कि वे सांप्रदायिक सौहार्द पर विश्वास करते हैं, लेकिन बाहरी लोगों के खिलाफ थे क्योंकि इससे धारा 370 के तहत राज्य की विशेष स्थिति पर असर पड़ेगा। ये लोग सुरक्षा के लिए खतरा हैं क्योंकि स्थानीय पुलिस के पास उनके कोई दस्तावेज नहीं है।

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