Saturday , September 22 2018

राज्‍य सरकार दो साल तक झेले कष्टों के लिए दे मुआवजा : हादिया

कोझिकोड। कथित लव जिहाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हादिया ने राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की है। हादिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन्हें परिवार के पास भेज दिया गया था और दो साल तक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्हें घर में बंद कर दिया गया था। राज्य सरकार इन दो वर्षों में कष्ट के लिए मुआवजा दे।

गौरतलब है कि केरल हाई कोर्ट ने एक युवक मुस्लिम युवक शफी जहां से उनकी शादी को अवैध घोषित कर दिया था और उनको परिवार के पास भेजा दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया और शादी को वैध मानते हुए हादिया को उनके पति शफी के पास रहने की अनुमति दे दी थी। हादिया ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई और दावा किया कि उनके परिवार वालों ने उन्हें घर में बंद कर दिया था। इस दौरान उन्हें काफी प्रताड़ना से गुजरना पड़ा।

हादिया ने कहा मैंने अपने माता-पिता से कोई मुआवजा नहीं मांगा है बल्कि राज्य सरकार से मुआवजा मांगा है। उन्होंने कहा, ‘वह नहीं समझती हैं कि उनके माता-पिता उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते थे। वे सब ऐसा राष्ट्र विरोधी ताकतों के प्रभाव में आकर कर रहे थे। उनसे जब पूछा गया कि क्या उनकी मां ने उनको जहर देने का प्रयास किया था, इस पर हादिया ने कहा कि वह अपनी बात पर अभी भी कायम हैं। हादिया ने कहा कि जल्द ही वह अपने माता-पिता से मुलाकात करेंगी।

हादिया ने कहा कि मेरा संघर्ष तब शुरू हुआ जब मैंने शादी की। फिर मैं कोर्ट पहुंची। मुझे काफी प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। कोर्ट की लड़ाई में मेरी कस्टडी मेरे माता-पिता को सौंप दी गई। इससे पहले शनिवार को हादिया ने कहा था कि पूरा विवाद केवल इसलिए हुआ, क्योंकि उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए हादिया के निकाह को फिर से बहाल कर दिया था। सर्वोच्च अदालत ने केरल हाई कोर्ट के उस फैसले को भी पलट दिया है, जिसमें शादी की वैधता को रद्द किया गया था। कोर्ट ने कहा कि एनआईए इस मामले से निकले पहलुओं की जांच जारी रख सकता है।

TOPPOPULARRECENT