संविधानिक वादे उसी समय पूरे होंगे जब विकास आखिरी पंक्ति तक पहुंचेगा: हामिद अंसारी

संविधानिक वादे उसी समय पूरे होंगे जब विकास आखिरी पंक्ति तक पहुंचेगा: हामिद अंसारी
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नई दिल्ली: पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने मशहूर लेखिका फरह नकवी की किताब ‘वर्किंग विद मुस्लिम्स: बियोंड बुर्का एंड ट्रिपल तलाक’ को जारी करते हुए आज यहाँ इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में कहा कि समानता और बराबरी के संविधानिक वासे उसी समय पुरे होंगे जब विकास आखिरी पंक्ति तक पहुंचेगा।

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उन्होंने भारत में मुसलमानों की शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मुसलमानों का बड़ा हिस्सा ग़रीब और ताकत से वंचित है, राज्य एजेंसियों को चाहिए कि वह उन पिछड़े मुसलमानों की स्थिति को बेहतर करे, शहरी क्षेत्रों में भी और देहाती क्षेत्रों में भी। डोनर एजेंसी मुसलमानों का नाम बतौर टारगेट लेते शरमाती है, इस रवैये को बदलने की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार और नागरिकों को इस विकास के फासिले को समझने की ज़रूरत है और विकास के आस पास वर्गीय दीवार न बनाई जानी चाहिए। हामिद अंसारी ने फरह नकवी की किताब की प्रशंसा करते हुए उसे तरक्की और सामाजिक न्याय से जुड़ा अहम बहस क़रार दिया। पूर्व राष्ट्रपति की भाषण के बाद किताब की अहमियत और मौजूदा स्थिति में मुसलमानों के साथ और मुसलमानों के लिए काम करने के विषय पर लंबा विमर्श हुआ।

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