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वंदे मातरम को लेकर महाराष्ट्र में विवादित बयानबाज़ी शुरू, आज़मी और वारिस पठान ने दिया बड़ा बयान

मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र में सत्ताधारी दल भाजपा-शिवसेना ने राज्य में वंदे मातरम गाना अनिवार्य करने की मांग की है। इसके बाद से ‘वंदे मातरम’ गाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सपा विधायक अबू आसिम आजमी ने इसका कड़ा विरोध किया है।

आज़मी ने कहा कि वंदे मातरम गाने को लेकर भले ही हमें मुल्क से निकाल दो, लेकिन सच्चा मुसलमान वंदे मातरम नहीं गाएगा। आजमी ने ये भी कहा कि मैं वंदे मातरम का सम्मान करता हूं, परन्तु मेरा मजहब मुझे वंदे मातरम कहने की इजाजत नहीं देता।

आजमी ने कहा, “जब भारत का विभाजन हुआ, तब कहीं यह बात नहीं कही गई कि हम मुस्लिम यदि भारत में रुकते हैं तो हमें इसे गाने के लिए मजबूर किया जाएगा। आप मुझे गोली मार सकते हैं या देश से बाहर फेंक सकते हैं, लेकिन हम इसे नहीं गाएंगे।”

वहीँ दूसरी तरफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुसलिमीन (एआईएमआईएम) के एमएलए वारिस पठान ने भी ऐलान किया है कि उनके सिर पर बंदूक रख दी जाए या गले पर चाकू रख दिया जाए, फिर भी वह वंदे मातरम नहीं गाएंगे।

दोनों ही नेताओं ने कहा कि ये इस्लाम के विरुद्ध है इसलिए किसी भी सूरत में वो इससे समझौता नहीं कर सकतें।

मामला इतने पर ही नहीं रुकता है विवाद को और तूल देते हुए शिव सेना के नेता और परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने आजमी और पठान को ‘देशद्रोही’ कह डाला।

दिवाकर रावते ने कहा कि वे देशद्रोही हैं। हमारे सैनिक इस देश के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर रहे हैं। अगर उन्हें इतनी शर्म आती है और राष्ट्रीय गीत नहीं गाना चाहते तो बेहतर होगा कि वे पाकिस्तान चले जाएं।

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