देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने सरकार की नींद उड़ा दी है। वह इस मामले में एहतियात के सभी कदम उठा रही है। सरकार ने अस्पतालों के लिए डिस्चार्ज पॉलिसी जारी की है।
इकोनॉमिक टाइम्स पर छपी खबर के अनुसार, इसके तहत कोरोना से संक्रमित रोगी को केवल तभी अस्पताल से छुट्टी देनी है अगर 24 घंटे में दो बार सैंपल टेस्ट करने पर दोनों नेगेटिव आते हैं।
दिशानिर्देश के अनुसार, कोरोना के संदिग्ध मामलों में जिनका टेस्ट पहली बार में निगेटिव आता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर डिस्चार्ज किया जा सकता है। लेकिन, उन्हें 14 दिनों तक मॉनिटर करना होगा।
इस पॉलिसी का एलान ऐसे समय हुआ है जब देश में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 115 हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 107 मामलों में कोरोना की पुष्टि की है. यह शनिवार को 84 के मुकाबले 23 फीसदी की बढ़त को दिखाता है।
वैसे तो इसके कारण किसी और मरीज की मौत की खबर नहीं है. लेकिन, जिनका इलाज किया जा चुका है, उनकी संख्या 10 पर जस की तस बनी है. इससे देश में अभी तक दो लोग जान गंवा चुके हैं। ये दोनों वरिष्ठ नागरिक थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया था कि कोरोना के मरीजों के संपर्क में आने वाले 4000 से ज्यादा लोगों पर भी नजर रखी जा रही है और उन्हें क्वारेंटाइन में रहने की सलाह दी गई हैै।
रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने स्थिति का जायजा लिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अभी तक इसकी रोकथाम के लिए क्या कुछ किया है, उन्होंने इसकी समीक्षा की।
कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बैठक में राज्यों की क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। क्वारेंटाइन की सुविधाओं के प्रबंधन पर भी विस्तृत चर्चा हुु। ई
इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, एम्स और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सरकार के पास अभी 1 लाख टेस्टिंग किट्स उपलब्ध हैं। उसने और 2 लाख किट्स का ऑर्डर दिया है।
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साभार- इकोनॉमिक टाइम्स