Tuesday , January 23 2018

देश में सेक्युलरिज्म की हत्या और साम्प्रदायिकता का जहर घोला जा रहा है

बेंगलुरु: कर्नाटक में इन दिनों हजरत टीपू सुल्तान शहीद के खिलाफ एक तबका गलत अफवाहें फैला रहा है और इतिहास को मिटाने की कोशिश की जा रही है। टीपू सुल्तान इस देश की वह पहली हस्ती हैं जिन्होंने इस देश को अंग्रेजों की गुलामी से बचाने के लिए अपनी जान निछावर कर दी।

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वह जंगे आज़ादी के सबसे पहले शहीद थे। लेकिन इज महान शख्सियत को बदनाम करने के लिए गंदी राजनीति की जा रही है। इस देश में अल्पसंख्यकों को बदनाम करने और उनके खिलाफ ज़हर उगलने वालों को यह बात याद रखनी होगी कि भारत की आज़ादी के बाद इस देश का जो झंडा बनाया गया, उसको हैदराबाद की एक महिला ने तैयार किया था। जो आज तक देश में फहराया जा रहा है।

इन विचारों का विमर्श जनतादल सेकुलर के सेक्रेटरी जनरल कुंवर दानिश अली ने किया। जो टमकोर में आयोजित जीडीएस अल्पसंख्यक कन्वेंशन से संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अगर हम इस देश के झंडे को जिस में केसरी सफेद और हरा रंग शामिल है उस झंडे को भारत का झंडा मानते हैं तो इस देश में रहने वाले हर वर्ग और जाति के लोगों के साथ आपसी मेल मोहब्बत के साथ रहना होगा। आज इस देश पर राज करने वाली भाजपा और राज्यों में सरकार चला रही कांग्रेस सरकारों के राज में कानून और वयवस्था की हालत अब्तर हो चुकी है।

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