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यहाँ भी सुधार की ज़रुरत! मंदिर में दलितों की एंट्री बैन, पुजारी ने लगाई तख़्ती

हमीरपुर के एक गांव में मंदिर के पुजारी ने ऐसा फरमान सुनाया है कि लोगों का गुस्सा भड़क गया है । गढ़ा गांव के एक पुजारी ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए कहा है कि रामायण पाठ के दौरान दलितों का मंदिर में प्रवेश वर्जित है और इस बात की तख्ती भी उसने मन्दिर के गेट पर टांग दी है।

पुजारी के इस फ़रमान की वजह से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। सिसोलर थाना क्षेत्र के बीहड़ में एक गांव है। जहां पर एक बहुत ही पुराना ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर है। इस मंदिर में दूर दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन अब ये मंदिर पुजारी के फरमान की वजह से चर्चा में है ।

आज कल इस मंदिर में रामायण का पाठ चल रहा है और इसी दौरान मंदिर के पुजारी कुंवर बहादुर सिंह ने मंदिर के गेट पर एक तख्ती टांग दी कि रामायण पाठ के दौरान मंदिर में दलितों का प्रवेश वर्जित है। इसी बात को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया।

 

हालांकि लोगों का गुस्सा बढ़ता देख मंदिर के पुजारी ने तख्ती तो हटवा दी, लेकिन मीडिया को उसने यही बताया कि उसने मंदिर के गेट पर तख्ती टांगी थी । गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन इस मामले की जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

इस मामले में प्रशासन अभी तक कुछ भी बोलने से कतरा रहा है। ग्राम प्रधान बस घटना की निंदा करके चुप हैं । पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में तीस फीसदी दलित लोग भी हैं, जिनको मंदिर जाने से रोका नहीं जाना चाहिये। अगर इसी तरह का तनाव रहा तो विवाद बढ़ सकता है लिहाज़ा प्रशासन को इस मामले में दखल देना चाहिए ।

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