Wednesday , September 26 2018

जामा मस्जिद के रखरखाव कार्य पर फैसला 28 फरवरी तक

जामा मस्जिद के रखरखाव कार्य में लगातार हो रही देरी पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने 28 फरवरी तक अंतिम फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। 30 जनवरी को हुए मामले की सुनवाई में अदालत ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार निर्धारित समय के भीतर एक निष्कर्ष पर पहुंचने में नाकाम रही, तो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सत्येंद्र जैन, जो शाहजहांबाद पुनर्विकास निगम के अध्यक्ष भी हैं, को 12 मार्च को अदालत में उपस्थित होना होगा।

न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और आईएस मेहता की पीठ ने कहा कि यदि किसी कारण से अदालत की दिशा लागू नहीं की जा सकती है तो अध्यक्ष को व्यक्तिगत तौर पर सुनवाई की अगली तारीख में उपस्थित रहना होगा। पुनर्विकास योजना को 2004 में पहली बार चिन्हित किया गया था। पिछले साल नवंबर में एसआरडीसी ने वाल्ड सिटी को नवीनीकृत करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

बता दें कि मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इसकी फौरन मरम्मत करने की मदद मांगी थी। उन्होंने बताया कि पूरी इमारत में कई जगहों पर दरारें आ गई हैं। इतना ही नहीं, मस्जिद के अंदर प्लास्टर भी कई जगहों से उखड़ रहा है।

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