Tuesday , September 25 2018

दिल्ली : खिड़की मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जायेगा

दक्षिण दिल्ली के साकेत में स्थित खिड़की मस्जिद में नमाज पढ़ने की मांग का मामला अब गहराता जा रहा है। इस मस्जिद के बाहर लगे बोर्ड से मस्जिद शब्द को हटा दिया गया था जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई थी लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिसके चलते मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जायेगा।

मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत के लिए वकील शाहिद अली अदालत में जाने की तैयारी कर रहे हैं और अगले सप्ताह इस सम्बन्ध में अर्जी दाखिल की जाएगी। हालांकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने पूर्व में कहा था कि नियमों के मुताबिक संरक्षित मस्जिद या किसी इस तरह के दूसरे स्थान पर जिसे पुरातत्व विभाग देख रहा हो, वहां पर नमाज पढ़ना या कोई इस तरह का काम करना निषेध है।

दिल्ली में बहुत सी तारीखी मस्जिदें संरक्षित कैटेगरी में हैं और उनमें नमाज पढ़ने पर रोक है। गौरतलब है कि खिड़की मस्जिद का निर्माण फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ के प्रधानमंत्री खान-ई-जहां जुनैन शाह ने 1380 में करवाया था। मस्जिद के अंदर बनी खूबसूरत खिड़कियों के कारण इसका नाम खिड़की मस्जिद पड़ा। यह मस्जिद दो मंजिला है। मस्जिद के चारों कोनों पर बुर्ज बने हैं जो इसे किले का रूप देते हैं। तीन दरवाजों पर मीनारें बनी हैं।

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