दिल्ली हिंसा: मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हुई!

दिल्ली हिंसा: मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हुई!

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता कानून पर हुई हिंसा में अब तक 18 लोगों की जान चली गई है।

 

 

 

खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, मंगलवार देर रात भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सीलमपुर में स्थिति का जायजा लिया और पुलिस के कई आला अफसरों के साथ बैठक ली।

 

 

 

दंगाइयों को देखकर गोली मारने के आदेश दे दिए गए हैं। उत्तर पूर्व दिल्ली के कई क्षेत्रों से पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने के बाद अब एहतियात के तौर पर दिल्ली में जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर और चांदबाग इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है और लोगों को बेवजह बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई है।

 

 

 

इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने आज होने वाले अपने त्रिवेंद्रम दौरे को रद्द कर दिया है। हिंसा के माहौल के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपील की है कि दिल्ली में हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना की तैनाती होनी चाहिए।

 

 

 

पुलिस अधिकारियों के साथ डोभाल ने हालात का जायजा लिया। बैठक में उनके साथ पुलिस कमिश्नर, संयुक्त सीपी, डीसीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

 

 

अजित डोभाल रात करीब साढ़े 11 बजे सीलमपुर डीसीपी ऑफिस पहुंचे और साढ़े 12 बजे तक बैठक के बाद करीब 8 किलोमीटर का सफर करते हुए तनावपूर्ण इलाकों का दौरा किया।

 

 

 

घंटेभर तक कमिश्नर के साथ बैठक करने के बाद अजीत डोभाल सीलमपुर से निकल गए। इसके बाद वे भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर समेत कई इलाकों में भी गए। उन्होंने गाड़ी में बैठकर इन दंगाई क्षेत्रों का दौरा किया।

 

 

 

एनएसए डोभाल ने सीलमपुर डीसीपी ऑफिस में पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक, ज्वाइंट सीपी, स्पेशल सीपी और इलाके के डीसीपी के साथ हालातों पर चर्चा की।

 

 

 

प्रभावित इलाकों में गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस के साथ-साथ सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान भी तैनात कर दिए हैं। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के भी जवान हर घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

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