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उस्मानिया यूनिवर्सिटी के पब्लिकेशन डिविजन ने की क़ुरआन की बेअदबी, शिकायत करने पर किया सुधार

उस्मानिया यूनिवर्सिटी के डैरात-उल-मारीफ ने भगवद् गीता का अनुवाद प्रकाशित किया गया। इसके कवर पेज पर रथ को ऊपर छापा गया था और डैरात-उल-मारीफ का लोगो नीचे जिसकी वजह से क़ुरान की सूरत की बेअदबी का मामला सामने आया है।

बाद इसके जब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई तो उन्होंने फ़ौरन डैरात-उल-मारीफ के प्रशासन को पेज को बदलने का आदेश दिया। लोगो में क़ुरान की सूरत छपी हुई थी।

बता दें कि भारत सरकार अल्पसंख्यक सम्बन्धी विभाग ने ध्रुव योजना के तहत डैरात-उल-मारीफ को अरबी किताबों का अंग्रेजी अनुवाद के प्रकाशन के लिए 37 करोड़ रूपये की मंजूरी दी थी।

लेकिन अब पाया गया है कि डैरात-उल-मारीफ प्रशासन द्वारा एकतरफा फैसले लिए जा रहे है। इसलिए एक ऐसी कमेटी की ज़रूरत महसूस की जा रही है जो किताबों के प्रकाशन पर नज़र रख सके।

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