Saturday , December 16 2017

हमसे ज्यादा ईमानदार और बेहतर थी ब्रिटिश पुलिस- यूपी डीजीपी सुलखान सिंह

Uttar Pradesh New Director genral of Police Sulkhan Singh Taking charge as new DGP of state at State Police head office in Lucknow on saturday.Express photo by Vishal Srivastav 22.04.2017

UP के डीजीपी सुलखान सिंह  ने कहा की  ब्रिटिश पुलिस के खिलाफ पूरे स्वतंत्रता संग्राम और भारतीयों के संघर्ष की बात करें तो आपको कई उदाहरण मिल सकते हैं लेकिन आपको उनमें एक भी फर्जी केस, फर्जी एंकाउंटर, फर्जी सबूत और फर्जी जांच नहीं मिलेगी।

अंग्रेज भले ही तानाशाह और विदेशी थे लेकिन कई तरीकों से वे आज के समय के अनुसार हमसे बेहतर थे। अगर इन सब बातों पर गौर किया जाए तो निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि जेल प्रशासन भारतीयों के हाथों से ज्यादा अंग्रेजो के हाथों में बेहतर था।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा की  अगर ब्रिटिश विदेशी और क्रूर थे फिर भी आचार संहिता का पालन करते थे। ब्रिटिश जेलों में अंग्रेजी जेलर कैदियों के स्वास्थ्य और साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखता था जबिक कई इनमें भारतीय कैदी थे। सिंह ने कहा कि आज की पुलिस के मुकाबले ब्रिटिश पुलिस ज्यादा बेहतर थी यह स्वीकार करना कठिन है लेकिन सच्चाई यहीं है। जेल में कैदियों को गुड़ दिया जाता था ताकि जेल की सफाई के दौरान उनके गले और फेफड़ो को सुरक्षित रखा जा सके। इतना ही नहीं जो कैदी रस्सी बनाने का कार्य किया करते थे, उन्हें सरसों का तेल दिया जाता था जिससे कि वे अच्छे से अपने हाथों की मसाज कर स्किन की बीमारी से बच सकें। आज जब भारतीयों के हाथ में प्रशासन है, जेल अपनी क्षमता से तीन गुना ज्यादा भरे हुएं है। कैदियों को जेल में सोने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं मिल पाती। नींद पूरी न हो पाने के कारण कई कैदी जेल में ही बीमार पड़ जाते हैं।

काकौरी केस का उदाहरण देते हुए सिंह ने कहा कि ब्रिटिश पुलिस ने आरोपी के परिवार के किसी भी सदस्य को इस केस के चलते प्रताड़ित नहीं किया था जबकि आज की पुलिस संदिग्ध होने पर ही किसी के घर में बिना एफआईआर और शिकायत के घुस जाती है। यह बहुत ही शर्मिंदगी भरा है।

TOPPOPULARRECENT