Monday , July 23 2018

इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक के मामले पर मलेशिया सरकार में मतभेद

जाकिर नाइक को लेकर मलेशिया की कैबिनेट में मतभेद की बात सामने आई हैं। मलेशिया कैबिनेट में शामिल तीन मंत्रियों ने मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद फैसले का विरोध किया है।

मौजूदा डेमोक्रेटिक एक्शन पार्टी (डीएपी) के एक नेता ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने और दो अन्य मंत्रियों ने प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के उस बयान के बाद कैबिनेट की बैठक में जाकिर नाइक के मुद्दे को उठाया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय मुस्लिम प्रचारक को उसके देश में निर्वासित नहीं किया जाएगा।

मलयेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम कुलसेगरन ने यह भी कहा कि वह इस मामले को भारतीय नेतृत्व के सामने भी उठाएंगे। उन्होंने कहा ‘मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि जब भी मैं भारत जाऊंगा और अगर मुझे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला तो मैं उनके साथ इस मामले पर जरूर चर्चा करूंगा।’

उन्होंने ये भी कहा कि जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का फैसला अदालत द्वारा होना चाहिए, न की किसी व्यक्ति या सरकार द्वारा। कुलसेगरन ने कहा कि भारत सरकार को जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर मलेशिया सरकार से अनुरोध करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनके साथी मंत्रियों गोबिंद सिंह देव और जेवियर जयकुमार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री महातिर का यह कहना गलत नहीं था कि नाइक को तब तक निर्वासित नहीं किया जाएगा जब तक वो यहां कोई परेशानी नहीं पैदा करता।

पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा था कि जाकिर को भारतीय अधिकारियों को नहीं सौंपा जाएगा। नाईक को मलेशिया में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिल चुकी है।

इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बताया कि हमारा प्रत्यर्पण अनुरोध मलेशिया के समक्ष विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में हम अपने मंत्रालय और मलेशिया स्थित अपने उच्चायोग के जरिये मलेशियाई अधिकारियों के नियमित संपर्क में हैं।

गौरतलब है कि जाकिर नाईक ने वापस नहीं भेजे जाने के लिए मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद का शुक्रिया अदा किया था। अपनी सफाई में जाकिर ने कहा था कि उसने कभी भी आतंकवाद को बढ़ावा नहीं दिया है और उसका मकसद हमेशा सांप्रदायिक शांति और एकता को बढ़ावा देना रहा है। वह भारत में आतंकवाद से संबंधित मामलों में वांछित है और गिरफ्तारी से बचने के लिए मलेशिया में रह रहा है।

TOPPOPULARRECENT