केरल: मंदिर की जमीन को लेकर दलित और नायर समुदाय आमने-सामने

केरल: मंदिर की जमीन को लेकर दलित और नायर समुदाय आमने-सामने

केरल। एर्नाकुलम जिले के वडयामबाडी गांव में दलित और नायर जाति के लोगों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। यह विवाद वडयामबाडी देवी मंदिर की जमीन को लेकर हुआ है। 1.25 एकड़ में फैले हुए मंदिर को नायर सेवा सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाता है। मंदिर के आसपास रहने वाले लोग अनुसूचित जाति के हैं और वो पिछले काफी समय से अनुष्ठान, कार्यक्रमों और खेलों के लिए मंदिर की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

नायरों का कहना है कि मंदिर प्रशासन के पास प्लॉट का मालिकाना हक है। हालांकि, दलित मंदिर के स्वामित्व को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। रविवार को दलित भूमि सुरक्षा समिति ने 500 मजदूरों को दलित आत्मसम्मान सम्मेलन के लिए संगठित किया था जिसके बाद पुलिस ने सभी को वहां से खदेड़ दिया क्योंकि उन्होंने पूर्व अनुमति नहीं ली थी। आंदोलनकारियों ने अब राज्य सचिवालय के बाहर एक अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब साल 2016 में मंदिर प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन की मदद से दलित समुदाय के विरोध प्रदर्शन के बावजूद भूखंड पर एक अहाते का निर्माण किया था। पिछले साल 14 अप्रैल को दलित प्रदर्शनकारियों ने अहाते को तोड़ दिया और वहां विरोध के तौर पर एक अस्थाई शेड डाल दिया। जिसके बाद से अभी तक वहां पर शेड बने हुए हैं।

इस मामले पर जिला कलेक्टर मोहम्मद सैफीरुल्ला ने कहा कि अधिकारियों और समुदाय के नेताओं के बीच हुई बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है कि प्लॉट पर किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं होगा। लोगों के पास जमीन के इस्तेमाल का अधिकार होगा लेकिन यदि कोई पार्टी वहां पर किसी तरह का कार्यक्रम करना चाहती है तो उसे जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेनी होगी। जहां तक जमीन के स्वामित्व के मामले का सवाल है हम कोर्ट के निर्देशों पर चलेंगे।

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