अलग राज्य ‘द्रविडनाडु’ के गठन का द्रमुक नेता स्टालिन ने किया स्वागत

अलग राज्य ‘द्रविडनाडु’ के गठन का द्रमुक नेता स्टालिन ने किया स्वागत
Mk Stalin Deputy Chief Minister of Tamil Nadu from 2009 to 2011

इरोड। द्रविड मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने दक्षिण भारत के पांच राज्यों को मिलाकर ‘द्रविडनाडु’ बनाए जाने की मुहिम का स्वागत किया है। जब उनसे तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और पुडुचेरी को मिलाकर ‘द्रविडनाडु’ बनाए जाने की संभावना पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि ऐसा होकर रहेगा।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक इरोड में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए।

इस दौरान स्टालिन ने एआईएडीएमके के नेता और तमिनाडु के मुख्यमंत्री के पलनीसामी को खत लिखकर कहा है कि उन्हें टीडीपी (तेलुगू देशम पार्टी) के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए। एआईएडीएमके लोकसभा में भाजपा और कांग्रेस के बाद तीसरी बड़ी पार्टी है। हालांकि पार्टी ने अभी तक अवविश्वास प्रस्ताव को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।

‘द्रविडनाडु’ का विचार तमिल, मलयाली, तेलुगू और कन्नड़भाषी राज्यों को मिलाकर एक राज्य बनाने का है। यह विचार सबसे पहले ईवी रामास्वामी ने दिया था, जिन्हें पेरियार के नाम से जाना जाता है। पेरियार द्रविड़ आंदोलन के विचारक माने जाते हैं।

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