वीडियो : आरएसएस की विचारधारा के पीछे की सच्चाई : राम पुनियानी

वीडियो : आरएसएस की विचारधारा के पीछे की सच्चाई : राम पुनियानी

पूर्व प्रोफेसर और लेखक राम पुनियानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को परिभाषित करते हुए इसकी विचारधारा के पीछे की वास्तविकता के बारे में बता रहे हैं। पुनियानी के अनुसार ब्राह्मणवाद और हिंदू धर्म दो अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, लेकिन उन्हें समानार्थक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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हिंदू धर्म वास्तव में एक अलग परिप्रेक्ष्य है और ब्राह्मणवाद इसके समान नहीं है। ब्राह्मणवाद एक सिद्धांत है जो जप में विश्वास करता है। इस विचारधारा के अनुसार, बच्चों की जाति और चरित्र के अनुसार ही श्रेष्ठता पैदा होती हैं। इन विचारों पर आरएसएस कार्यरत होने के कारण ही ‘हिंदुत्व’ और राजनीति को जन्म दिया गया जो कि भेदभाव से घिरा है।

उनका कहना है कि ‘हिंदुत्व’ और ‘हिंदू राष्ट्र’ जैसे शब्दों को हाशिए पर आधारित समुदायों पर हमला करने के लिए गढ़ा गया है। पूर्व प्रोफेसर कहते हैं कि 1936 में लक्ष्मीबाई केलकर नामक महिला भगवा संगठन में शामिल होना चाहती थी, लेकिन उन्हें शामिल होने की अनुमति नहीं मिली थी जो कि महिलाओं के प्रति आरएसएस के पूर्वाग्रह का प्रदर्शन करता है।

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