Saturday , April 21 2018

बोर्ड के कट्टरता के कारण यह दिन देखने पड़े: प्रोफ़ेसर सैफुद्दीन सोज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रोफ़ेसर सैफुद्दीन सोज ने तीन तलाक को यकायक अपराध करार देने वाले बिल को लोक सभा में पास कर देने के सन्दर्भ में कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को अपनी प्रतिनिधित्व स्थिति साबित करने के लिए अपने संस्था को सही दिशा में ले जाना चाहिए।

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सैफुद्दीन सोज ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि बोर्ड ने हाल के वर्षों में अपनी लापरवाही और कट्टरता को बरक़रार रखते हुए इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि दुनिया के अधिकतर इस्लामी देशों ने एक बार में तीन तलाक कहने के प्रक्रिया को गैर इस्लामी करार दिया है।

सोज ने कहा कि मैं उनलोगों में शामिल रहा हूँ जिन्होंने वर्षों मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को स्वीकार किया है और इज्जत दी है। हालांकि मुझे यह बात मालूम थी कि यह बोर्ड लोकतांत्रिक परंपरा और विचार विमर्श के बेहतरीन रास्ते को छोड़कर कट्टरता का रास्ता अपनाकर काम कर रहा था।

उनहोंने कहा कि मैं वर्षों से देख रहा था कि इस बोर्ड को प्रतिनिधित्व हासिल नहीं है। क्योंकि वह निहायत ही कट्टर तरीके से समय समय पर अपनी मर्जी से बे मतलब के लोगों को सदस्य के तौर पर अपने साथ सामिल कर लेता है। जिसकी वजह से आज हमें यह दिन देखने को मिल रहा है।

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