खतरनाक इबोला बुखार का सफल परीक्षण!

खतरनाक इबोला बुखार का सफल परीक्षण!

घातक इबोला बुखार का इलाज ढूंढने की दिशा में डॉक्टर एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान प्रायोगिक दवा के इस्तेमाल से जान बचाने में 90 फीसदी तक कामयाबी मिली है।

डेमोक्रैटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो यानी डीआरसी में इबोला वायरस के संक्रमण से जूझ रहे लोगों को दो प्रायोगिक दवाएं दी जाएगी। इन्हें फार्मा कंपनी रिजेनेरॉन ने विकसित किया है इनमें एक है- एंटीबॉडी कॉकटेल आरईजीएन-ईबी3 और दूसरी है- मोनक्लोनल एंटी बॉडी एमएबी114।

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इनफेक्शियस डिजीज (एनआईएआईडी) के मुताबिक इन दवाओं ने “साफ तौर पर अच्छे” नतीजे दिखाए हैं। चार संभावित इलाजों का परीक्षण किया गया। कांगो में इबोला वायरस के संक्रमण का यह दूसरा साल है।

इलाज के दूसरे दो तरीकों की तुलना में इन दवाओं ने बेहतर नतीजे दिखाए। एनआईएआईडी का कहना है कि दूसरी दवाओं का इस्तेमाल जिन मरीजों पर किया गया, उनमें करीब आधे मरीजों की इस बीमारी की वजह से मौत हो गई।

कांगो के नेशनल बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर (आईएनआरबी) के महानिदेशक ज्यां जैक्स मुएम्बे ने संयुक्त रूप से इन परीक्षणों का नेतृत्व किया था। उनका कहना है “अब से , हम यह नहीं कहेंगे कि इबोला का इलाज नहीं है। इस प्रगति से हजारों लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

साभार- डी डब्ल्यू हिन्दी