Tuesday , December 12 2017

2001 के बाद कॉरेस्पॉन्डेंस से की गई इंजीनियरिंग की डिग्री को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने  देश की चार डीम्ड यूनिवर्सिटी में 2001 के बाद से कॉरेस्पॉन्डेंस के जरिए हजारों छात्रों को मिली इंजीनियरिंग की डिग्री को निरस्त कर दिया है।

यह फैसला  पत्राचार से हासिल इंजीनियरिंग डिग्री की मान्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर शीर्ष अदालत ने दिया।

इसके अलावा सभी डीम्ड विश्वविद्यालयों पर आगामी अकादमिक सत्र से बिना संबंधित अथॉरिटी (यूजीसी, एआईसीटीई, डीईसी) से अनुमति के दूरस्थ शिक्षा के जरिए कोई भी कोर्स चलाने पर रोक लगा दी है।

अब डीम्ड विश्वविद्यालयों को हर कोर्स के लिए अलग-अलग अनुमति लेनी होगी। तकनीकी कोर्स संचालित करने के लिए डीम्ड यूनिवर्सिटी को एआईसीटीई से अनुमति लेनी होगी। साथ ही शीर्ष अदालत ने एक महीने के भीतर डीम्ड यूनिवर्सिटी से ‘यूनिवर्सिटी’ शब्द हटाने के लिए कहा है।
वहीं, जिन चार डीम्ड विश्वविद्यालय की पत्राचार शिक्षा से प्राप्त डिग्रियों को निरस्त किया गया है, उनमें इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट के अलावा जेआरएन राजस्थान विद्यापीठ (उदयपुर), इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (राजस्थान) और विनायक मिशन रिसर्च फाउंडेशन (तमिलनाडु) हैं।

 

TOPPOPULARRECENT