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लखनऊ: आज़ादी के बाद पहली बार टुंडे की दुकान पर नहीं मिले कबाब

लखनऊ: प्रशासन की कार्यवाई के बाद एक तरह जहाँ दर्जनों अवैध बूचड़खाने बंद हो चुके हैं, वहीँ लखनऊ की शान माने जाने वाले टुंडे के कबाबों पर भी संकट आ गया है। शहर में बिरयानी और अन्य मांसाहारी खानों वाले होटल पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

दुकान के मालिक मोहम्मद उस्मान ने कहा कि बुधवार को गोश्त की दूकान बंद कर दी गई थी क्योंकि गोश्त उपलब्ध नहीं था। उनका कहना था कि यदि हमें गोश्त नहीं मिलेगा तो हम दुकान कैसे चलाएंगे। हालाँकि मटन और चिकन की उपलब्धता पर तो अभी तक असर नहीं पड़ा है।

चौक के अकबरी गेट पर स्थित टुंडे कबाबी के अबु बक्र कहते हैं कि सप्लाई पूरी तरह से ठप हो चुकी है। हालात ऐसे थें कि बुधवार को दुकान तक बंद करनी पड़ी। आज दुकान खोली है लेकिन बीफ के कबाब की जगह हम चिकन के कबाब ग्राहकों को परोस रहे हैं।

अबु बक्र कहते हैं, दिक्कत ये है कि हमारे यहाँ बीफ कबाब की मांंग ज्यादा है। ग्राहक को चिकन के कबाब पसंद ही नहीं आ रहा। अगर यही स्थिति रही तो धंधा बंद ही करना पड़ जाएगा।

अकबरी गेट पर ही कुल्चे और निहारी के लिए मशहूर रहीम्स के मालिक मोहम्मद ओसामा ने कहा कि बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई से हमारे धंधे पर सीधा असर पड़ रहा है। बीफ मिलने में काफी दिक्कत हो रही है। वहीँ बिक्री में भी बहुत काफ़ी गिरावट आई है। तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं।

बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों को सरकार बनते ही बंद कराने की घोषणा की थी। अब प्रशासन द्वारा की गई इस कार्यवाई को भाजपा द्वारा किए गए वादे के प्रति प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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