गोवा, मणिपुर, मेघालय और बिहार में कर्नाटक की तर्ज़ पर बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया जाए

गोवा, मणिपुर, मेघालय और बिहार में कर्नाटक की तर्ज़ पर बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया जाए
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कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किये जाने के बाद कई राज्यों में विपक्ष ने मांग उठाई है कि उन्हें भी सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए। इनमें गोवा, मणिपुर, मेघालय और बिहार शामिल हैं।

# मणिपुर:कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह ने राज्यपाल जगदीश मुखी से मुलाकात के बाद कहा कि शनिवार शाम 4 बजे तक का इंतजार करें। देखते हैं कर्नाटक के बहुमत परीक्षण में क्या होता है। राज्यपाल ने मणिपुर के मामले पर विचार करने को कहा है। उम्मीद है इंसाफ होगा।

# मेघालय और नगालैंड:दोनों राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री शुक्रवार को राज्यपाल से मिले। मेघालय में कांग्रेस और नगालैंड में एनपीएफ सबसे बड़ी पार्टी है। दोनों राज्यों में एनडीए गठबंधन की सरकार है।

1. गोवा की मौजूदा विधानसभा

कुल सीट: 40

बहुमत: 21

मुख्यमंत्री: मनोहर पर्रिकर

पार्टी सीट
कांग्रेस 17
भाजपा 13
निर्दलीय 03
अन्य 07

भाजपा ने गोवा में कैसे नंबर जुटाए?

– 2017 के चुनाव में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार मनोहर पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा किया।

– भाजपा ने महाराष्‍ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन-तीन और 2 निर्दलीय विधायकों के सपोर्ट से बहुमत हासिल किया। पर्रिकर की शपथ के बाद एक और निर्दलीय विधायक ने समर्थन दे दिया था।

2. बिहार की मौजूदा विधानसभा

कुल सीट: 243

बहुमत: 122

मुख्यमंत्री- नीतीश कुमार

पार्टी सीट
राजद 80
जदयू 71
भाजपा 53
कांग्रेस 27
निर्दलीय 04
अन्य 08

भाजपा-जदयू ने कैसे जरूरी नंबर जुटाए?

– पिछले चुनाव में महागठबंधन (राजद-जदयू और कांग्रेस) को 178 सीटें मिलीं। 80 सीटों के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी रही। वहीं, जेडीयू को 71 और कांग्रेस को 27 सीट मिलीं थी। तब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे।

– 26 जुलाई, 2017 को तेजस्वी के इस्तीफे से राजद के इनकार पर नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया। फिर जदयू ने भाजपा (53 सीट) के साथ मिलकर सरकार बनाई।

3. मणिपुर की मौजूदा विधानसभा

कुल सीट: 60

बहुमत: 31

मुख्यमंत्री- एन. बीरेन सिंह

पार्टी सीट
कांग्रेस 28*
भाजपा 21
एनपीएफ 04
एनपीईपी 04
अन्य 03

भाजपा ने कैसे जुटाए जरूरी नंबर?

– पिछले साल मणिपुर के चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला। विधानसभा की कुल 60 सीटों में से कांग्रेस को 28, भाजपा को 21 सीटें मिलीं। राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया।

– भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। उसे 4 नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ), 4 नेशनल पीपुल्स पार्टी, 1 लोक जनशक्ति पार्टी, 1 टीएमसी और 1 कांग्रेस विधायक ने सपोर्ट किया। इस तरह, उसके पास 21+4+4+1+1+1= 32 विधायक हो गए।

(नोट- अब कांग्रेस के 9 विधायक भाजपा में आ चुके हैं)

4. मेघालय की मौजूदा विधानसभा

कुल सीट: 60

बहुमत: 31

मुख्यमंत्री: कोनराड संगमा

पार्टी सीट
कांग्रेस 21
एनपीपी 20
भाजपा 02
अन्य 17

भाजपा ने एनपीपी के साथ गठबंधन किया

– बता दें कि मेघालय में भाजपा ने चुनाव के पहले किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं किया। वह अकेले मैदान में उतरी थी। नतीजों के बाद एनपीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई।

5.नगालैंड की मौजूदा विधानसभा

कुल सीट: 60

बहुमत: 31

मुख्यमंत्री: नेफ्यू रियो

पार्टी सीट
एनपीएफ 26
भाजपा 12
एनडीपीपी 18
अन्य 04

भाजपा-एनडीपीपी ने कैसे जरूरी नंबर जुटाए?

– मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को 27 सीटें मिली थीं। भाजपा और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) गठबंधन को 27 सीटें मिलीं। जेडीयू और एक इंडिपेंडेंट केंडिडेट ने भी उन्हें समर्थन देने का एलान किया। इस तरह उनके कुल 29 विधायक हो गए थे। यहां कांग्रेस का लगभग सफाया हो गया था।

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