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EPFO# हिंसक आन्दोलन के आगे झुकी सरकार, अब पूरे पैसे निकाल सकेंगे,

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि के नए नियमों के खिलाफ बेगलुरु में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार ने पीएफ निकासी पर लगाई गई पाबंदी से जुड़ा नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है। इस नोटिफिकेशन को 1 मई से लागू किया जाना था। । मामले को ठंडा करने के इरादे से श्रम मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पास जमा पूरी राशि को मकान खरीदने, गंभीर बीमारी, शादी और बच्चों की पेशेवर शिक्षा जैसे कार्यों के लिए अंशधारकों को निकालने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। मामले को मंजूरी के लिए कानून मंत्रालय के पास भेजा गया है। इस फैसले के खिलाफ ऑनलाइन अभियान भी चलाया गया। इसे 10 फरवरी से लागू किया जाना था लेकिन विरोध को देखते हुए इसे 30 अप्रैल तक टाल दिया गया। उधर, प्रदर्शनकारियों ने बंगलुरु में हेब्बगोदी पुलिस स्टेशन पर पत्थर फेंके और वहां खड़े वाहनों में आग लगा दी। इस प्रदर्शन का कोई ट्रेड यूनियन नेतृत्व नहीं कर रहा था। भविष्य निधि से निकासी नियमों को कड़ा करने का फैसला भी ट्रेड यूनियनों की राय से लिया गया था। अब जब ट्रेड यूनियन अनुरोध कर रहे हैं, तब हमने इसे वापस ले लिया। अधिसूचना रद्द किए जाने से पहले श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया था कि भविष्य निधि निकासी नियमों को सख्त बनाने से जुड़ी अधिसूचना लागू किए जाने का काम 31 जुलाई 2016 तक के लिए टाला जा रहा है। हम संबद्ध पक्षों के साथ इस बारे में चर्चा करेंगे। भविष्य निधि में से नियोक्ताओं के योगदान की निकासी पर कर्मचारी की आयु 58 साल होने तक के लिए पाबंदी को लेकर श्रमिक संगठनों विशेषकर कपड़ा कर्मचारी बंगलुरू में हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

बता दें कि फरवरी में श्रम मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर अंशधारकों के दो महीने से अधिक बेरोजगार होने पर भविष्य निधि से सौ फीसद निकासी पर प्रतिबंध लगाया था। मंत्रालय ने इस अधिसूचना को 30 अप्रैल तक स्थगित कर दिया था। फिर श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने मंगलवार को पहले कहा था कि भविष्य निधि निकासी नियमों को सख्त बनाने से जुड़ी अधिसूचना लागू किए जाने का काम 31 जुलाई 2016 तक के लिए टाला जा रहा है। देर रात उन्होंने इस मसले पर फिर कहा और इस बार उन्होंने अधिसूचना के रद्द होने की जानकारी दी

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