Sunday , December 17 2017

मिसाल: मुसलमानों ने हिन्दू पड़ोसी के इलाज के लिए मोहर्रम का जुलूस छोड़ा

कोलकाता: 1 अक्टूबर को जहाँ एक ओर देश भर में दुर्गा पूजा में मूर्ति विसर्जन और ताजिया जुलुस को ले कर कई जगह तनाव का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में मुसलमानों ने एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम की है।

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खड़गपुर में मुसलमानों ने मुहर्रम पर जुलूस निकालने के फैसले को तर्क कर एक हिन्दू पड़ोसी (जो केंसर से पीड़ित है) के इलाज के लिए फंड जमा किया। हिंदुस्तान टाइम की रिपोर्ट के अनुसार खड़गपुर के पुर्टन बाज़ार में मुहर्रम जुलुस निकालने वाले संघ ने एक मोबाइल शॉप के मालिक अबीर भुनिया (35) के लिए 50 हजार रूपये इकट्ठा किया है।

अबीर केंसर से पीड़ित हैं, इससे पहले भी उन्होंने 6 हजार रूपये दिए हैं।भूनिया का इलाज सरोज गुप्ता कैंसर केंद्र में चल रहा है, जबकि उसे 12 लाख रूपए की जरूरत है।

समाज संगठन के सचिव अमजद खान ने कहा कि मुहर्रम का जुलूस हर साल निकाला जाता है, लेकिन हमें पहले जिंदगी बचाने की ज़रूरत है। हमने पैसा जुटाना शुरू कर दिया है। जुमा नमाज के बाद हम अबीर के लिए एक दान अभियान शुरू करने के लिए मस्जिद में घोषणा करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि हमारी जुलूस के लिए बजट की तुलना में बड़ी राशि इकट्ठा होगी।

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