इस बार अकेले नहीं रहेंगे ओवैसी, AIMIM के इतने MP पहुंच सकते हैं पार्लियामेंट!

इस बार अकेले नहीं रहेंगे ओवैसी, AIMIM के इतने MP पहुंच सकते हैं पार्लियामेंट!

ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में तीन संसदीय क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया था,जिसमें एक हैदराबाद संसदीय क्षेत्र जहाँ से ओवैसी खुद तीन बार से साँसद हैं,दूसरा किशनगंज जहां पर पूर्व विधायक अख्तरुल ईमान को प्रत्याशी बनाया गया है,तीसरा औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र से सैयद इम्तियाज जलील को प्रत्याशी बनाया गया है।

चुनाव के अनुमानित आँकड़े सामने आचुके हैं जिनको देखकर विपक्षी दलों में कुछ हलचल जरूर होरही है,लेकिन इसके साथ साथ तमाम सर्वे एजेंसीज़ और न्यूज़ चैनलों का मानना है कि हैदराबाद से ओवैसी चौथी बार साँसद बनने जारहे हैं।

हैदराबाद सीट पर पहले चरण में मतदान हुआ था, जहां से असदउद्दीन ओवैसी ने चुनाव लड़ा है. ये वो सीट है, जिस पर हमेशा से Aimim का दबदबा रहा है. यहां से ओवैसी तीन बार सांसद रह चुके हैं.

इस बार भी इस सीट पर एआईएमआईएम के असदुद्दीन औवैसी का ही कब्जा रहा है. भाजपा ने इस सीट पर डॉक्टर भगवंत राव को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस की ओर से मोहम्मद फिरोज खान चुनावी मैदान में हैं।

नेपाल बंगाल बंगलादेश की सीमा से मिलने वाले संसदीय क्षेत्र किशनगंज में 64.10% प्रतिशत मतदान हुआ था ये सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट है,यहां से बहुजन समाज पार्टी ने इंद्र देव पासवान, तृणमूल कांग्रेस ने जावेद अख्तर, कांग्रेस पार्टी ने डॉ. मोहम्मद जावेद, आम आदमी पार्टी ने अलीमुद्दीन अंसारी, जनता दल (युनाइटेड) ने सईद महमूद अशरफ शिवसेना ने प्रदीप कुमार सिंह, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शुकल मुरमू और बहुजन मुक्ति पार्टी ने राजेंद्र पासवान को टिकट दिया था।

यहाँ पर ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रत्याशी अख्तरुल ईमान का मुकाबला काँग्रेस के डॉक्टर जावेद के साथ है जिसमें अख्तरुल ईमान मैदान जीतते हुए नज़र आरहे हैं,क्योंकि अख्तरुल ईमान को उनकी साफ सुथरी छवि और असदउद्दीन ओवैसी के दमदार चेहरे की वजह से वोट मिला है।

औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र शिवसेना का गढ़ माना जाता है जहां शिवसेना ने इस बार भी अपने मौजूदा सांसद चंद्रकांत खैरे को चुनाव मैदान में उतारा है तो वहीं कांग्रेस ने जांबाज सुभाष माणकचंद पर दांव लगाया है.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की ओर से जया बलु राजकुंदल प्रत्याशी हैं तो बहुजन मुक्ति पार्टी की ओर से दिपाली लालाजी मिसाल चुनावी मैदान में थे,वहीं बहुजन वंचित अगाड़ी और ऑल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने औरँगाबाद सेंट्रल से विधायक इम्तियाज जलील को मैदान में उतारा है।

इम्तियाज जलील के मैदान में उतरने से मुक़ाबला त्रिकोणीय होगया है,बीजेपी के चंद्रकांत खैरे और काँग्रेस के सुभाष झांबड के बीच हिदू वोटो का बंटवारा होरहा है,जबकि दलित और मुस्लिम वोट सीधे इम्तियाज़ जलील को मिल रहे हैं,इस सीट पर 1980 में काँग्रेस के सिम्बल पर काजी सलीम चुनाव जीते थे।

सैयद इम्तियाज़ जलील की जनसभाओं में काफी जनसैलाब देखने को मिला था,सूत्रों अनुसार खबरे आरही हैं कि बहुजन वंचित अगाड़ी उस भीड़ को वोट में बदलने सफल रही है,जिससे अब मुक़ाबला चन्द्रकान्त खैरे और इम्तियाज़ जलील के बीच मे बहुत करीब का है।

साभार- इंकलाब हिन्दी

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