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FBI की महिला अॉफिसर ने की ISIS आतंकी से शादी

वॉशिंगटन। अमरीकी खुफिया एजैंसी FBI की ट्रांसलेटर डैनिएला ग्रीन ने दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकवादी से गुपचुप तरीके से शादी की थी। दिलचस्प बात यह है कि 38 वर्षीय इस खूबसूरत FBI कर्मचारी को इसी आतंकी की जांच का जिम्मा सौंपा गया था।

अमरीकी चैनल सीएनएन के मुताबिक साल 2014 में ग्रीन सीरिया गई और वहां ISIS आतंकी डेनिस कस्पर्ट से शादी कर ली। कस्पर्ट एक जर्मन रैपर था, जो बाद में ISIS के लिए लड़ाकों की भर्ती करने लगा था। वह इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का जमकर इस्तेमाल करता था।

हाल ही में पेंटागन ने हवाई हमले में कस्पर्ट के मारे जाने का दावा किया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह इस हवाई हमले में बच निकला था। कस्पर्टआईएस के प्रोपेगैंडा वीडियो में भी नजर आ चुका है। FBI के मुताबिक ग्रीन ने अपनी सीरिया यात्रा को लेकर खुफिया एजैंसी के अधिकारियों से झूठ बोला था।

हालांकि जब ग्रीन सीरिया से लौटकर अमरीका पहुंची, तो उसको गिरफ्तार कर लिया गया और मामले में उसको 2 साल की सजा सुनाई गई। सजा काटने के बाद उसको पिछले साल रिहा कर दिया गया। वह अब अमरीका में ही एक होटल में काम कर रही हैं।

जब उनसे मामले में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इससे उनके परिवार को खतरा है। लिहाजा वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। FBI का कहना है कि उसने राष्ट्रीय सुरक्षा के हित को ध्यान में रखते हुए ग्रीन मामले को उस वक्त सार्वजनिक नहीं किया था। ग्रीन ने 2011 में FBI ज्वाइन किया था।

वाशिंगटन स्थित US डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक डैनिएला ग्रीन को आतंकी डेनिस कस्पर्टकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि उसने जांच करने की बजाय अपने आतंकी पति कस्पर्ट को इससे सतर्क कर दिया कि वह FBI के निशाने पर है। इस घटना से अमरीका की खुफिया एजैंसी को आईएस के खिलाफ अपने मिशन को तगड़ा झटका लगा।

CNN के मुताबिक ग्रीन FBI के डेट्रॉयट फील्ड ऑफिस में काम करती थी। उसको जनवरी 2014 में कस्पर्ट की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जर्मन रैपर रहे डेनिस कस्पर्ट को डेसो डॉग के नाम से जाना जाता था, जो आईएस में शामिल होने के बाद अपना नाम बदलकर अबू टलहा अल अलमानी रख लिया था।

रैपर होने के चलते सोशल मीडिया पर कस्पर्ट का अच्छा खासा असर था।हालांकि आईएस के लिए लड़ाकों की भर्ती करने की बात सामने आने के बाद यह खुफिया एजेंसियों की रडार पर आ गया।

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