‘दुनिया को पहला गाना सीरिया ने दिया था’

‘दुनिया को पहला गाना सीरिया ने दिया था’

अरब के क्षेत्र में एक देश है जो सीरिया या शाम के नाम से जाना जाता है जो फ़िलहाल युद्ध की आग में झुलस रहा है और हजारों लोगों की मृत्यु हो गई है, और लाखों लोग देश छोड़ने को मजबूर हैं।

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आज सीरिया में चारों ओर तबाही, अनैतिकता, बीमारी, बेरोजगारी की निराशाजनक दृश्य है। एक असुरक्षा का ऐसा माहौल है कि लोग अपने ही घरों में क़ैद हैं। भय उसका हर समय पीछा कर रहा है। कई सीरियाई निवासियों ने अपना मातृभूमि छोड़ दिया और अन्य क्षेत्रों में आश्रय ले लिया है।

ऐसी हालात में अगर आपको बताया जाता है कि संगीत की लय पर तैयार किया जाने वाला दुनिया का पहला गाना सीरिया में तैयार हुआ था, तो आप इसपर विश्वास नहीं करेंगे। सीरिया एक ऐसा देश है जिसकी रूह में संगीत बसी हुई है, और उसी ने दुनिया को संगीत की दिलकशी से रूबरू कराया और एक दुसरे के साथ मिल जुलकर प्यार से मोहब्बत से रहने का सबक पढ़ाया। नया सीरिया 1946 में दुनिया के मानचित्र पर उभरा। उससे पहले उसका क्षेत्र बहुत बड़ा था।

यहां मुसलमानों के साथ यहूदी, ईसाई और कुर्द जाति के लोग आबाद थे, और सभी ने अपने अपने स्तर से यहाँ संगीत के विरासत को बढ़ाने में भाग लिया। 1950 में खुदाई के दौरान पुरातत्वविद् को यहाँ से लगभग 3400 साल पुरानी मिटटी की 29 तख्तियां मिली हैं। हालांकि इनमें से अधिकतर ताखियाँ टूटी हुई हैं, लेकिन उनमें से एक सुरक्षित है। जिस पर संगीत के कुछ धुनें छपे हैं और स्ट्रिप को एच 6 का नाम दिया गया है। विशेषज्ञ इसे दुनिया का पहला गीत करार दे रहे हैं और यह गीत सीरिया में तैयार किया गया था।

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