आज़ादी के बाद पहली बार इतने मुसलमान अपने हक़ के लिए सड़कों पर उतरे

आज़ादी के बाद पहली बार इतने मुसलमान अपने हक़ के लिए सड़कों पर उतरे
Click for full image

भारत के विभाजन के बाद से ही भारत में मुस्लिमो के प्रति कट्टरता रही है। लेकिन ये बात भी सच है कि मोदी सरकार के आने के बाद भारत में मौजूद मुस्लिमो के प्रति अन्य धर्मो के लोगों ने अपनी कट्टरता ज़ाहिर की है। भारत में मुस्लिम जनता मोदी सरकार के आने के बाद डरी हुयी है। देश में दिन-व-दिन कई जगहों पर मुसलमानों पर अत्यचार की ख़बरें सामने आ रही हैं।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

कभी भीड़ में छुपकर लोगों ने हमला किया तो कभी गाय भक्तों ने छोटी मोटी बात पर मुस्लिमो को घरों में घुस घुस कर मारा किसी लाचार को मारने से भी नहीं कतराए धर्म के प्रति लोगों ने अपनी कट्टरता ज़ाहिर की है।

वहीँ केंद्र सरकार भी मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर लगातार हस्तक्षेप कर रही है। सरकार ने शरियत से जुड़े मुद्दे, तीन तलाक़ बिल और हज सब्सिडी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जंहा तक सरकार के सत्ता में आने की बात है तो उसके आने बाद से ही देश भर में मुसलमानों के साथ हो रही हिंसा की ख़बरें लगातार आती रहती हैं।

15 अप्रैल को मुसलमान अपना हक़ मांगने के लिए सड़क पर उतरे। आजादी के बाद पहली बार इतने मुसलमानों ने अपने हक़ के लिए सड़कों पर उतरे। इमारत शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) एक साथ मिलकर 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में ‘दीन बचाओ, देश बचाओ’ नाम से रैली किये। रैली का मकसद ये बताना है कि भाजपा की सरकार में न ही देश सुरक्षित है और न ही मुस्लिमों का धर्म।

Top Stories